ऋषिकेश- एम्स ने स्वच्छता पखवाड़े के तहत लोगों को किया स्वच्छता के प्रति जागरूक
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में स्वच्छता पखवाड़े के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रोेफेसर रवि कांत ने कहा कि स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन का आधार है। जब हम स्वच्छ रहेंगे तभी हम निरोगी रहकर दीर्घजीवन को प्राप्त कर सकते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में इन दिनों स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जिसके तहत एम्स में दैनिक तौर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों, उनके तीमारदारों व अन्य नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया गया। इसके साथ ही संस्थान में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली व इसके लिए दूसरे लोगों को भी प्रेरित करने का संकल्प लिया।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बीके बस्तिया ने स्वच्छता को लेकर सभी को एक-दूसरे व्यक्ति को जागरुक करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल के विभिन्न वार्डों और परिसर में भी पूरे पखवाड़ेभर साफ-सफाई के लिए विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने स्वच्छता के प्रति जागरुकता को एक अभियान के तौर पर संचालित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत हमें स्वयं से करनी होगी। यदि प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता को अपनाएगा तो बीमारियां स्वतः ही निष्प्रभावी हो जाएंगी। इस दौरान पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से अस्पताल परिसर में पौधरोपण अभियान भी चलाया गया। डीएमएस डा. अनुभा अग्रवाल जी ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़े के तहत संस्थान में आयोजित किए जा रहे जनजागरुकता कार्यक्रमों में चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ के अलावा अन्य हैल्थ केयर वर्कर्स, प्रशासनिक स्टाफ, सपोर्टिंग स्टाफ, तकनीशियन, स्वच्छता दल, संक्रमण नियंत्रण दल, डायटीशियन आदि प्रतिभाग किया जा रहा है। शनिवार को ओपीडी ब्लॉक और वेटिंग एरिया आदि क्षेत्रों में रोगियों और उनके तीमारदारों को नर्सिंग स्टाफ द्वारा नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरुक किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह जी, डा. पूजा भदौरिया जी, डा. विनोद जी, प्रशासनिक अधिकारी संतोष जी आदि ने प्रतिभाग किया।
