ऋषिकेश- प्रेम वार्णी आश्रम में हुआ विराट संत सम्मेलन का आयोजन
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – लक्ष्मण झूला स्थित प्रेम वर्णी आश्रम में विराट संत सम्मेलन का आयोजन किया गया।
बुधवार को आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी असंगानन्द महाराज, प्रेम वर्णी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन शंकराचार्य परिषद उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री ने किया। विराट संत सम्मेलन में महामंडलेश्वर असंगानन्द महाराज ने कहा कि इस कलिकाल में संतों का जहां भी सत्संग भजन कीर्तन हो रहा हो जनमानस को बड़ी प्रेम और श्रद्धा के साथ श्रवण करना चाहिए। कलयुग में हरि नाम संकीर्तन ही भवसागर से पार लगाता है आज के परिवेश में हम अपने को भौतिकता में इतने खो चुके है अपने आसपास के वातावरण में हो रही दूषित महामारी को नहीं पहचान पा रहे हैं।इसका मुख्य कारण है अज्ञानता अध्यात्म से दूर होना मानव राक्षस प्रवृत्ति में प्रवेश कर रहा है। लेकिन संतों का धर्म है मानव मात्र को सन्मार्ग में पुनः स्थापित करना और उन्हें धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाना।
प्रेम वर्णी महाराज ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना के द्वारा हम युवाओं को नशा मुक्ति से दूर कर सकते हैं। आध्यात्मिक वातावरण में योग के साथ-ही उन्हें आध्यात्मिक मार्ग में चलने का अवसर दे सकते हैं, युवा ही हमारे देश का भविष्य है उन्हीं युवाओं में से कोई संत बनता है कोई मनिस्टर बनता है कोई आध्यात्मिक गुरु और कोई सामाजिक कार्यकर्ता साबित होता है। इसी प्रवेश में विश्व कल्याण के लिए इन सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है जिससे वसुधैव कुटुंबकम की भावना को लेकर हम सर्वे भवंतू सुखिनाह कह कर सभी का मार्गदर्शन कर सभी को सुख शांति समृद्धि की कामना करते हुए मानव जगत में रहने वाले मनीषियों को सद मार्ग में चलने का शुभ अवसर प्राप्त करवाएं वही संत है। अवसर पर महामंडलेश्वर दयाराम दास, विजयानन्द सरस्वती, महंत स्वामी शंकर तिलक, गंगेश्वरा नंद, पवन कुमार मिश्र, स्वतंत्रता चैतन्य, गौरी चैतन्य, शंकरी चैतन्य, पवित्रता चैतन्य, बुद्धा घोषा, शिवा साधक, उमाया साध्वी, अभिषेक शर्मा आदि मौजूद थे।
