ऋषिकेश-संस्कारों की जननी है श्रीमद् देवी भागवत कथा – दुर्गेश आचार्य महाराज
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – कथावाचक संत दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद् देवी भागवत कथा संस्कारों की जननी है। कथा के श्रवण मात्र से ही जीव परम आनंद व परम सुख को प्राप्त करता है।
भट्टटों वाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा हवन पूजन के साथ संपन्न हो गई है। इस मौके पर कथावाचक राष्ट्रीय संत दुर्गेश आचार्य महाराज ने भक्तों को श्रीमद् देवी भागवत कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि सावत्री जैसी संस्कारित बेटियों ने इस पावन धरती पर जन्म लिया है। जिसने अपने सुहाग को अखंड बनाकर जीवन का शाश्वत आनंद लिया है। हम सब भी अपने बच्चों को संस्कारित करें और उन्हें राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र धर्म की शिक्षा देकर सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें। संस्कारित बच्चे ही समाज में फैली प्रथाओं, अंधविश्वास और दुर्गुणों से समाज को मुक्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी भक्तों से आग्रह किया कि आओ हम सभी संकल्प लें कि इस राष्ट्र को फिर से हम विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित कर जीवन को सारस्वत परमआनंद प्राप्त करें। इस अवसर पर रमेश सेमवाल, उर्मिला रमोला, देवराज बिष्ट, राकेश परमार, कृष्णा मिश्रा , आचार्य शशिकांत, आचार्य उमाशंकर, व्यास आचार्य नंदकिशोर उनियाल, आचार्य सनी शर्मा, हिमांशु, प्रदीप नौटियाल, सुरेंद्र तिवारी, राम सिंह रावत, भवानी रावत, राजपाल रावत, सतीश पंत, रामस्वरूप भट्ट, नीलम, बिना कंडारी आदि मौजूद थे।
