ऋषिकेश-श्रीमद् भागवत कथा ही समाज में प्रेम सद्द्भाव सिखाती – संत दुर्गेश आचार्य

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा समाज में प्रेम और सद्द्भाव सिखाती है । कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है ।
छिद्दारवाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने भक्तों को कथा का श्रवण कराया । उन्होंने कहा कि अधर्म अन्याय के प्रतीक कौरव रूपी बुराई का अंत कर भगवान श्री कृष्ण ने धर्म न्याय और सत्य की स्थापना पांडवों को विजय दिलाकर की । पांडवों को विजई मिलने के बाद भगवान श्री कृष्ण ने कुंती से वर मांगने को कहा तो कुंती ने श्री कृष्ण से जीवन पर्यंत दुख प्रदान करने का वर मांगा । कुंती ने कहा कि जीवन का स्वभाव है कि सुख में वह प्रभु को भूल जाता है और दुख में गुरु की शरण में जाकर उन्हें याद करता है । इसलिए भगवान मुझे जीवन पर्यंत दुख का वरदान दो जिससे मैं सदा तुम्हारा सम्मान करती रहूं । भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि भागवत मेरा कलयुग का अवतार है जो इस भागवत कथा का श्रवण करेगा उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी । इस अवसर पर कथा श्रवण करने वालों में सभी भक्त मौजूद थे ।

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