ऋषिकेश- जाली दस्तावेज़ों के ज़रिए योजनाओं का गलत फायदा उठाने वाले दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे लोगों की पहचान करें जिन्होंने जाली दस्तावेज़ों के ज़रिए सरकार की योजनाओं का गलत फायदा उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद देहरादून की कोतवाली नगर और थाना राजपुर में दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई जिला आपूर्ति अधिकारी और आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की गई है, जिन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सौंपा गया था। जांच में सामने आया है कि कई लोग, जिनकी सालाना आय पांच लाख रुपये से अधिक है, उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए जारी किए जाने वाले राशन कार्ड अवैध रूप से बनवा लिए। इन फर्जी राशन कार्डों के आधार पर आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाए गए और स्वास्थ्य सेवाओं में मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का गलत इस्तेमाल किया गया। इससे न सिर्फ़ सही पात्र लोगों को उनका हक नहीं मिल पाया, बल्कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग भी हुआ। पूर्ति विभाग की छानबीन में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में राशन कार्ड फर्जी तरीके से जारी किए गए थे। इस गंभीर मामले को देखते हुए विभाग ने तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री धामी ने साफ़ किया है कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं को मिलना चाहिए जो वास्तव में इसके हकदार हैं। सरकार अब ऐसे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाने जा रही है, ताकि जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पूरी ईमानदारी से पहुंचे। गौरतलब है कि राज्य में वे ही लोग राशन कार्ड के पात्र माने जाते हैं जिनकी सालाना आय पांच लाख रुपये से कम है।

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