ऋषिकेश स्वामी चिदानंद सरस्वती ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को दी श्रद्धांजलि।
त्रिवेणी न्यूज 24 –
ऋषिकेश l भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा उन्होंने भ्रष्टाचार मिटाने, बेरोजगारी दूर करने, शिक्षा में क्रांति लाने के लिए जो सम्पूर्ण क्रान्ति आन्दोलन चलाया था, वास्तव में वह एक परिपूर्ण आन्दोलन था। उनके ’’सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन’’ में राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक विषयों से युक्त सात क्रान्तियाँ शामिल थी। वास्तव में इन सातों क्रान्तियों की वर्तमान समय में भी नितांत आवश्यकता है। वर्तमान समय के युवाओं को शिक्षा के साथ अध्यात्म से जोड़ना जरूरी है।
भारतीय लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा, विशाल और विविधता से युक्त लोकतंत्र है। जय प्रकाश नारायण जैसे व्यक्तित्व ने भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अखंड पुरूषार्थ किया था। उनका मानना था कि युवाओं को राजनीति में प्रवेश करना चाहिये, क्योंकि विवेक, ज्ञान और ऊर्जा से परिपूर्ण छात्र ही एक जागरूक राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
उनके विचारधाराओं को अपनाकर उन्हें आत्मसात करके एक सार्वभौमिक राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को आह्वान करते हुये कहा कि देश का युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र भक्ति और राष्ट्र सेवा में लगाये यही जय प्रकाश नारायण को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
