ऋषिकेश में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की लोकभाषा व लोकयात्रा के प्रति साहित्यकारों की ऑनलाइन वेबिनार गोष्ठी का आयोजन हुआ।


ऋषिकेश आज अखिल भारतीय साहित्य परिषद उत्तराखंड के तत्वावधान में लोकभाषा लोकयात्रा परमंगलवार को सरस्वती शिशु मंदिर आवास विकास में ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया l इसमें मुख्य अतिथि डॉ. अतुल शर्मा जनकवि, विशिष्ट अतिथि अरुणा वशिष्ट, सुनील पाठक, शिव प्रसाद बहुगुणा ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति दी मुख्य वक्ता नरेन्द्र खुराना ने कहा कि भाषा विज्ञान ना केवल भाषाओं का अध्ययन में ही उपयोगी है, बल्कि साहित्य के अध्ययन में भी अत्यंत उपयोगी होता है। डॉ. राजे नेगी ने बताया कि इस विचार गोष्ठी होती रहनी चाहिए जिससे कि आज के युवाओं को उत्तराखण्ड के लोक भाषा ,लोकयात्रा लोक पर्व व लोक देवता के बारे में रुचि उत्पन्न की जा सके l डॉ. धीरेन्द्र रांगड़ एवं नरेन्द्र रयाल जनकवि ने भी संयुक्त रूप से अपने लोकभाषा व लोकयात्राओ पर अपने विचार व्यक्त किये! शिव प्रसाद बहुगुणा ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए सभी हिंदी साहित्यकारों व युवा पीढ़ी का आभार प्रकट किया व सभी को शुभकामनाएं दी! अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश अध्य्क्ष सुनील पाठक ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जहां इस समय युवा पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सीखनेे में अपनी रुचि दिखा रही है, जिससे कि स्थानीय भाषा अपने ही क्षेत्र में पिछड़ रही है। इस अवसर पर
किरण पन्त, वर्तिका, शंभू प्रसाद भट्ट स्नेहिल, डॉ. दिवा भट्ट, कौस्तुभ आनंद चंदोला, अंजली शर्मा, त्रिलोक सिंह परमार, विवेक डोभाल आदि मौजूद थे l

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