ऋषिकेश- बीएड कोर्स हुआ बंद शिक्षक भर्ती की योग्यता में बड़ा बदलाव
त्रिवेणी न्यूज 24
नई दिल्ली _ देश भर में अब शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता में बदलाव किए जाने को लेकर कार्य योजना तैयार की जारी है। इसमें बिहार सहित देश भर में डाइट की संख्या में इजाफा किया जाने की भी योजना है। इसके बाद शिक्षकों की कई तरह की सेवा कालीन शिक्षण प्रशिक्षण की योजना पर काम किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय की अंतिम अवधारणा के अनुसार आने वाले 6 सालों में यानी 2030 तक सभी राज्यों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तय मानक के आधार पर बहुविभिषेक संस्थान को विकसित करने की तैयारी होगी।
इसके अलावा शिक्षक अभ्यर्थियों को स्नातक के बाद 2 वर्ष के विशेष विषय के बीएड डिग्री को मान्यता जारी रहेगी वहीं जिनके पास 4 वर्षीय स्नातक डिग्री होगी या किसी विशेष विषय में एमए किया है तो उनके लिए 1 वर्ष यह बीएड डिग्री पर भी काम चल रहा है। एनसीटीई ने 2 साल का स्पेशल बीएड कोर्स बंद करने के बाद अब पुराने 4 वर्षीय बीएड कोर्स यानी बीएबीएड और बीएससी बीएड को भी बंद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए वकायदा नोटिस भी जारी कर दिया गया है अब इसमें नए एडमिशन नहीं होंगे अगर कोई नया बेड कोर्स करना चाहता है तो उसे 4 वर्षीय बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स यानी आईटीपी कोर्स करना होगा। एनसीटीई ने कहा है कि जो इंस्टिट्यूट 4 वर्षीय वर्तमान में बीएड कोर्स कर रहे हैं उनको 2025 से पहले तक उन्हें इस सच के अधीन छात्रों को एडमिशन न लेने की अनुमति दी जाएगी कि वह क्षेत्र 25 26 की शुरुआत से ही पहले संशोधित नया बीएड कोर्स यानी आईटीईपी कोर्स को शुरू करेंगे। एनसीटीई के अनुसार नई शिक्षा नीति के प्रावधानों की माने तो 2030 के बाद स्कूल में वही शिक्षक भर्ती होगी जिन्होंने नया वाला आईटीपी 4 वर्षी बीएड कोर्स किया हो 2 वर्षीय . बीएड भी चलेगा लेकिन इसका प्रयोग उच्च शिक्षा के लिए होगा।
6 साल बाद 2030 से शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता बदल दी जाएगी 4 वर्षीय नया आईटीपी कोर्स के आधार पर ही सभी शिक्षक भर्तियां की जाएगी इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2027 28 से 1- 1 करके प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों के होने वाले सभी डीएलएड पाठ्यक्रमों को भी समाप्त कर दिया जाएगा।
शिक्षक प्रशिक्षण के लिए डीएलएड समेत अन्य कार्यक्रम को समाप्त करने की योजना है इसके अलावा भविष्य में शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम यानी आईटीपी होगा।
