ऋषिकेश- जीवन से विदाई के बाद भी लवलीन की आंखें करेंगी दो जिंदगियों को रोशन
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश _ नहीं रही प्यारी गुड़िया, लेकिन देखेगी दुनिया के नजारे जिस उम्र में बेटी का पढ़ने का समय था , ऐसे समय में एक बेटी परिजनों को रोता बिलखता छोड़ कर संसार से चली गई। ऐसे समय में परिजनों ने यह सोच कर नेत्र दान कराए कि भले ही वह बिटिया को ना देख पाए, लेकिन बिटिया किसी की आंखों में हमारे मध्य अवश्य रहेगी। इस प्रयास से समाज को संदेश दिया है कि दुख की घड़ी में भी यदि व्यक्ति धैर्य ना छोड़े तो भी दूसरों को लाभान्वित कर सकता है। गंगानगर निवासी लवलीन का गत दिवस निधन हो गया था। दुख की घड़ी में परिवार के गरीबी गुरविंदर सिंह सोनू ने परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित कर नेत्रदान कार्यकर्ता व लायंस क्लब ऋषिकेश के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग को सूचित किया। जिनकी सूचना पर एम्स हॉस्पिटल की नेत्रदान की रेस्क्यू टीम ने नेत्रदान का पुनीत कार्य कराया। लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के सभी सदस्य नेत्रदान के लिए परिवार के जज्बे को सलाम करते हैं।
