ऋषिकेश- पुलिस ने सत्यापन अभियान के तहत 6 माह से केरल से गुमशुदा व्यक्ति को सकुशल उसके परिजनों को किया सुपुर्द
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत की जा रही कार्यवाही के दौरान 6 माह से केरल से गुमशुदा व्यक्ति को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के द्वारा जनपद में समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र अंतर्गत सत्यापन अभियान चलाकर किरायेदारों/मजदूरों/थैली-फड़- रेडी लगाने वाले व्यक्तियों/ संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन की कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया है। जिसके अनुपालन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के द्वारा सत्यापन कार्यवाही करने हेतु थाना एवं चौकी क्षेत्र में अलग-अलग टीमें गठित की गई। जिनके द्वारा लगातार प्रत्येक दिवस सत्यापन कार्यवाही की जा रही है। 29 जुलाई को यातायात उपनिरीक्षक प्रकाश चंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम सत्यापन कार्यवाही के लिए नटराज चौक के आस पास के क्षेत्र में थी इस दौरान सत्यापन कार्रवाई संदिग्ध/लावारिस अवस्था में मिले एक व्यक्ति से पूछताछ की गई तो ज्ञात हुआ कि उक्त व्यक्ति केरल का रहने वाला है। जिसका नाम पता बाईजू पुत्र वारकी निवासी कोलिथड़ संथीगिरी, जिला कन्नूर, केरल है। जिससे गहनता से पूछताछ के दौरान उक्त व्यक्ति से उसके परिजनों का फोन नंबर लेकर बात की गई तो ज्ञात हुआ की उक्त व्यक्ति 6 माह पहले अपने परिजनों के साथ कुछ कहासुनी हो जाने पर घर से चला गया था जो कि भटकते हुए ऋषिकेश पहुंच गया। यातायात उपनिरीक्षक प्रकाश चंद्र के द्वारा तत्काल पूरी घटना से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश को अवगत कराया गया। जिनके आदेशानुसार उक्त व्यक्ति को कोतवाली ऋषिकेश में लाया गया। उक्त व्यक्ति से प्राप्त फोन नंबर पर संपर्क कर उसके परिजनों को स्थिति से अवगत कराया गया तथा परिजनों के आग्रह पर गुमशुदा व्यक्ति बाईजू को कोतवाली ऋषिकेश में ही सकुशल संरक्षण में रखा गया। जिसके पश्चात आज 1 अगस्त को गुमशुदा उपरोक्त के बड़े भाई थॉमस पुत्र वारकी कोतवाली ऋषिकेश पर आए तथा गुमशुदा व्यक्ति बाईजू को उनके बड़े भाई थॉमस को सकुशल सुपुर्द किया गया। 06 माह पश्चात अपने भाई को सकुशल पाकर थॉमस के द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा उत्तराखंड पुलिस की प्रशंसा करते हुए सहृदय आभार प्रकट किया गया।
