ऋषिकेश-प्रदेश सरकार पर लगाया उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की अनदेखी का आरोप
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने प्रदेश सरकार पर राज्य के आंदोलनकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। प्रदेश सरकार के कार्यकाल के 4 वर्ष पूरे होने पर भी राज्य आंदोलनकारियों की गौर नहीं किया गया।
शुक्रवार को देहरादून रोड स्थित गोपाल कुटी में समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों की 8 सूत्री मांगों परचर्चा हुई। इस मौके पर वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार को 4 साल से अधिक का समय पूरा होने पर भी आंदोलनकारियों की मांगो को अनदेखा किया गया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि राज्य आंदोलनकारियों की 8 सूत्रीय मांगो का शासनादेश जारी नहीं किया तो सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन होगा।
जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी राज्य आंदोलनकारी मंच के सलाहकार विक्रम भंडारी ने कहा पृथक राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान तत्कालीन सरकारों के जुल्म और यातनाएं को सहन कर जेल गए। गंभीर रूप से घायल हुए राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान देते हुए 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के आदेश के बाद सरकारी सेवाओं में आरक्षण का लाभ दिया गया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा ठोस पैरवी न करने पर उच्च न्यायालय द्वारा उक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया। जिससे सभी राज्य आंदोलनकारियों ने रोष प्रकट कर सरकार की घोर निंदा की और सरकार को चेतावनी दी शीघ्र शासनादेश जारी करें। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में बलवीर नेगी, युद्धवीर चौहान, प्यारेलाल जुगलान, बृजपाल राणा, रुकम पोखरियाल, राकेश सेमवाल, मान सिंह पवार, शिवप्रसाद जोशी सोहन राणा, मुन्नी ध्यानी, जसोदा नेगी, सरोजिनी थपलियाल पूर्णा राणा, रोशनी देवी सीमा, कृष्णा, सरला नेगी, मंजू भट्ट, सरला भट्ट आदि मौजूद थे।
