ऋषिकेश- राजकीय महाविद्यालय मे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मातृभाषा दिवस

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर राजकीय महाविद्यालय में निबन्ध, वाद विवाद, संगीत, भाषण तथा नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया| | प्रतियोगिताओं मे 78प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया जिसमे संगीत में 14 भाषण में 15 नृत्य में 7 वाद विवाद में 15 तथा निबंध प्रतियोगिता में 43 प्रतिभागी पंजीकृत हुये |
मंगलवार को महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का प्राचार्य प्रोफेसर पंकज पंथ ने शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मूल भारतीय भाषाओं का संरक्षण आवश्यक है। नयी शिक्षा नीति में इसकी सार्थक पहल कि गयी है| कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अल्पना जोशी ने कहा कि आधुनिकता के दौर मे हिन्दी का अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाए रखना अपने आप में गौरव की बात है। जिस प्रकार गंगा की धारा रास्ते मे बहुत कुछ समेटती है उसी प्रकार हिन्दी भी अपने आप मे सभी क्षेत्रीय भाषाओं को समेटे हुवे है | निर्णायक मण्डल के रूप मे उपस्थित डॉ. अल्पना जोशी डॉ. मुक्तिनाथ यादव तथा डॉ. पूजा कुकरेती ने कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले छात्र छात्राओं कि सराहना की | डॉ. मुक्तिनाथ यादव ने कहा कि समय के साथी अंग्रेजी ने जो व्यवहार हिन्दी के साथ किया वही व्यवहार हिन्दी ने क्षेत्रीय भाषाओं के साथ किया | अतः क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण की आवश्यकतय है | डॉ. दयाधर दीक्षित ने कहा कि भाषा केवल सम्प्रेषण का माध्यम ही नहीं है अपितु संस्कृति का संवाहक भी है। उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्र मे वही लोग आज भी रुके है जिन्हे वहाँ की मूल भाषा तथा संस्कृति से लगाव है| साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि सत्ता भाषा एवं संस्कृति के रूप में अपने अवशेष छोड़ती है अन्यथा जापान और चीन जैसे राष्ट्र अपनी भाषा में प्रगति कर रहें है। उन्होंने बताया कि निबंध की उत्तरपुस्तिकाओं की जाँच के उपरान्त सभी परिणाम जल्द ही घोषित कर दिये जाएंगे। इस अवसर पर डॉ. वीके गुप्ता, ऋषभ तोमर, मनीषा सांगवान, डॉ. हितेन्द्र सिंह, डॉ. राजेश नौटियाल सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद थे।

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