ऋषिकेश- उत्तराखंड सरकार ने की सरकारी स्कूलों के 8 लाख छात्रों को किताबों के पैसे वापस देने की घोषणा

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – उत्तराखंड सरकार ने अब सरकारी स्कूलों के तकरीबन 8 लाख छात्रों को डीबीटी के माध्यम से किताबों के पैसे वापस देने की घोषणा की है। इन 8 लाख छात्रों को इन किताबों के पैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से मिलेंगे। इसमें पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के सभी वर्ग के छात्र छात्राओं को किताबों के पैसे वापस दिए जाएंगे इसी के साथ ही सरकारी स्कूलों के नवी कक्षा से 12 वीं कक्षा तक के सभी एससी एसटी वर्ग के छात्रों को उनके किताबों के लिए सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से उन्हें पैसे वापस देने की घोषणा की है। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने केवल किताबें वितरित करने की घोषणा की थी जिसमें उन्हें एक स्वच्छ स्वरूप मिला तथा उससे काफी छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए। उसी प्रक्रिया को जारी रखकर उत्तराखंड सरकार ने इसमें थोड़ा सा बदलाव किया है अब उत्तराखंड सरकार छात्र छात्राओं को किताबें प्रदान न करते हुए उन किताबों का मूल्य डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रदान किए जाएंगे। बता दें कि सन 2019 में उत्तराखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों के बेसिक और जूनियर स्तर के 5 लाख से ज्यादा छात्र छात्राओं के किताबों के लिए लगभग ₹160000000 दिए थे जबकि यूनिफॉर्म के लिए 26 करोड रुपए जारी किए थे। यह पैसे सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिए हुए थे।
समग्र शिक्षा अभियान –
समग्र शिक्षा अभियान प्री स्कूल से कक्षा बारहवीं तक स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की एक ऐसी पहल है जिसमें केंद्रीय बजट 2018 19 में प्री नर्सरी से 12वीं कक्षा तक बिना विभाजन के स्कूली शिक्षा को एक समग्र रूप से करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा में सामाजिक सुधार लाना, स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर निष्पक्षता और समावेश सुनिश्चित करना, निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से बच्चों के अधिकार के उचित कार्यान्वयन में राज्य की सहायता करना, इत्यादि थे।

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