ऋषिकेश- जीव को जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीमद् भागवत कथा – संतोष दुर्गेश आचार्य

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – कथावाचक राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीव को जीवन जीने की कला सिखाती है। इस कलयुग में श्रीमद् गीता कृष्ण अवतार के रूप में है।
भट्टो वाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने भक्तों को श्रीमद्भागवत के दिव्य कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज के दिन बालिका दिवस के रूप में मनाया जा रहा है । हमारे ग्रंथों में भी बालिका को सर्वश्रेष्ठ मान कर पूजा की जाती है। जिस घर में कन्या का जन्म होता है वहां साक्षात लक्ष्मी का वास होता है। नवरात्रों में पूरे 9 दिनों तक विभिन्न रूपों में कन्या की पूजा की जाती है। हमें सदैव कन्याओं का सम्मान करना चाहिए उन्हें देवी के रूप में पूजना चाहिए। कथा श्रवण करने वालों में सूर्य प्रकाश भट्ट, सुमन भट्ट , नागेंद्र दत्त, राजेंद्र बिष्ट , सरोज, संगीता, पूनम, अनीता, विजय, सरला, कृष्णा मिश्रा, रमेश सेमवाल, उर्मिला रमोला, देवराज बिष्ट, रमेश परमार आदि मौजूद थे।

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