ऋषिकेश- आनंदमयी मेमोरियल स्कूल में मनाया गया आत्मीयता और उल्लास के साथ श्रम दिवस
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश _ माँ आनंदमयी मेमोरियल स्कूल में श्रम दिवस अत्यंत श्रद्धा, आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। यह विशेष अवसर विद्यालय के समर्पित सहायक कर्मचारियों एवं श्रमिकों को सम्मानित करने हेतु आयोजित किया गया, जिनके निरंतर परिश्रम और सेवा भावना के कारण विद्यालय की दैनिक गतिविधियाँ संभव हो पाती हैं।
कार्यक्रम की गरिमा को विशेष रूप से बढ़ाया विद्यालय की डायरेक्टर सुश्री निकिता पंजवानी की प्रेरणादायक उपस्थिति ने। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से संपूर्ण आयोजन में अनुशासन, भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय मूल्यों की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य श्रीमती विधि गुप्ता के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने श्रमिकों की भूमिका को समाज की रीढ़ बताते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा श्रम दिवस उन सभी अदृश्य नायकों को सम्मानित करने का दिन है, जिनकी बदौलत हम हर दिन एक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में सीखते और कार्य करते हैं। इस अवसर पर विद्यालय के फ्री-प्राइमरी वर्ग के नन्हें-मुन्हें बच्चों ने अपने छोटे-छोटे हाथों से बनाए हुए ‘थैंक यू कार्ड्स’ विद्यालय के सहायक कर्मचारियों को भेंट किए। इन मासूम भावनाओं से भरे कार्डों और बच्चों द्वारा दी गई चॉकलेट्स ने पूरे वातावरण को भावुक और अत्यंत मधुर बना दिया। कई कर्मचारी इस स्नेह से अभिभूत होकर भावुक हो गए। यह दृश्य न केवल संस्कारों की सुंदर झलक था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे विद्यालय बच्चों में कृतज्ञता, आदर और करुणा जैसे मानवीय मूल्यों का रोपण कर रहा है।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम – जिसमें देशभक्ति गीत, नृत्य और एक लघु नाटिका शामिल थी – ने सभी का मन मोह लिया। छात्रों ने अपने भाषणों के माध्यम से श्रमिकों के प्रति सम्मान और समाज में उनके योगदान की महत्ता को उजागर किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी सहायक कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। डायरेक्टर निकिता पंजवानी ने इस अवसर पर कहा
हमारे विद्यालय का आधार केवल दीवारें नहीं, बल्कि वे कर्मशील हाथ हैं जो हर दिन इसे जीवंत बनाते हैं। आज का दिन हमें यह सिखाता है कि आभार व्यक्त करना भी शिक्षा का एक अनिवार्य अंग है। यह आयोजन विद्यालय में सहयोग, कृतज्ञता और मानवीय मूल्यों की भावना को सशक्त करने वाला एक अद्वितीय प्रयास रहा, जिसने सभी को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया।
