ऋषिकेश- हरिद्वार की नामी फार्मा कंपनी में दवा प्रोडक्शन को बंद करने के आदेश जारी
त्रिवेणी न्यूज 24
हरिद्वार _ बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में नामी कंपनी का प्रोडक्शन विधिवत तरीके से बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने इससे संबंधित आदेश पत्र सौंप दिया है। जबकि एनसीबी की हरिद्वार की फार्मा कंपनी में चल रही छापेमारी लगातार जारी है। हाल में ही एनसीबी यानी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 60 हजार नशीली गोलियों के साथ 7 तस्कर पकड़े थे। तस्करों से पूछताछ में जानकारी मिली थी कि हरिद्वार की एक फार्मा में नशीली गोलियां बनाई जा रही हैं। जिसके बाद यहां छापेमारी की गई, जो गुप्त तरीके से पिछले दो दिनों से जारी है। एनसीबी अभी तक हरिद्वार की इस कंपनी से करीब ढाई लाख नशीली गोलियों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। नारकोटिक्स की जांच फिलहाल सिडकुल की दूसरी कंपनी तक पहुंच गई है। जहां फिलहाल चंडीगढ़ की नारकोटिक्स विभाग की टीम ने डेरा डाला हुआ है।हरिद्वार ड्रग इंस्पेक्टर अनिता भारती का कहना है कि फिलहाल नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई चल रही है जो दवाइयों को सीज कर रही है। सिडकुल में जून 2024 में भी तीन दिवसीय निरीक्षण किया गया था. जिसमें काफी खामियां पाई गई थी. इसलिए उनके प्रोडक्शन को रोक दिया गया था। वहीं, एनसीबी की ओर से वहां जांच की जा रही है, जहां पर दवाइयां सीज की गई है। हालांकि, एनसीबी की अपनी जांच होती है. जितना भी नारकोटिक्स का लाइसेंस होता है, वो नारकोटिक्स डिपार्टमेंट की ओर से ही दिया जाता है। एनसीबी का ही उसमें रोल पूरा होता है. दवाओं का पूरा सेल आउट और उसका जो रिटर्न होता है, वो सब उन्हें ग्वालियर में ही जमा करना होता है.उन्होंने बताया कि जो दवा वहां पर रखी गई थी, वो अप्रैल 2024 की बनी हुई है. ऐसे में ड्रग कंट्रोलर की ओर से जो कंपनी को लेटर जारी किया गया, वो जून 2024 में किया गया था. वहां पर दवाइयां नहीं बनाई गई. वहां पर जो दवाइयों का स्टॉक था. वो एक्सपोर्ट हो रही थी. मामला अन्य देशों का भी है. क्योंकि, सिरप से जुड़े कई मामले सामने आए हुए हैं.ऐसे में वो (एनसीबी) उनकी गोपनीय सूचना है. जो गोपनीय जांच है. उसमें उनका यानी हरिद्वार ड्रग कंट्रोलर का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करना उचित नहीं है. एनसीबी की बड़े लेवल पर टीम है, जो अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई कर रही है, लेकिन उनका जो टेक्निकल प्वाइंट था. कंपनी का जो लाइसेंस था और जहां पर उन्होंने दवाई स्टॉक की थी, वो लाइसेंस उसके पास है. वहां के रूल के जो उल्लंघन थे, उसके हिसाब से कंपनी को स्टॉप प्रोडक्शन कर दिया गया है.फिलहाल, जो दवाइयां सीज की जा रही है, वो अप्रैल-मई-जून 2024 की बनी हुई है. अभी उनकी यानी एनसीबी की कार्रवाई जारी रहेगी. ड्रग इंस्पेक्टर अनिता भारती ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दवाइयों के सैंपल सीडीएसओ ने लिए थे. कभी-कभी अगर कोई सैंपल फेल आ जाता है तो फार्मा कंपनी उस दवा को आगे नहीं बेचती है।
