ऋषिकेश- कॉर्बेट पाखरो केस में लक्ष्मी राणा को ED का बुलावा, हरक सिंह रावत के बेटे को भी नोटिस

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून- कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रकरण में वित्तीय लेनदेन पर जांच कर रही एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की टीम ने आज लक्ष्मी राणा को पूछताछ के लिए बुलाया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी लक्ष्मी राणा आज सुबह करीब 10:15 पर देहरादून स्थित ईडी के दफ्तर में पहुंची और इसके बाद उनसे जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की। इससे पहले भी लक्ष्मी राणा को ईडी पूछताछ के लिए बुला चुकी है। जबकि एक बार फिर जांच एजेंसी ने कुछ अधूरे सवालों का जवाब लेने के लिए उन्हें कार्यालय में तलब किया है।
लक्ष्मी राणा को इससे पहले भी ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस दौरान करीब 30 से ज्यादा बिंदुओं पर उनसे जानकारी मांगी गई थी। लेकिन विभिन्न बिंदुओं का जवाब देने के साथ कई ऐसे सवाल भी थे, जिनका जवाब जांच एजेंसी के अधिकारियों को नहीं मिल पाया था। जिसके लिए नेत्री ने जांच एजेंसी से कुछ वक्त मांगा था। इसके बाद अब एक बार फिर उन्हीं अधूरे सवालों का जवाब पाने के लिए जांच एजेंसी ने उन्हें बुलाकर फिर से पूछताछ शुरू कर दी है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और पेड़ कटान से जुड़ा है मामला कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुए अवैध पेड़ कटान और निर्माण की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है कि ईडी ने भी मामले में वित्तीय लेनदेन को लेकर अपनी जांच को आगे बढ़ाया है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में वित्तीय ट्रांजैक्शन की गुत्थी खोलने में जुटी हुई है। ऐसे में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के अलावा उनके करीबियों को भी जांच एजेंसी बुलाकर पूछताछ कर रही।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की करीबी मानी जाने वाली लक्ष्मी राणा राजनीतिक रूप से काफी मजबूत रही हैं। माना जाता है कि हरक सिंह रावत की राजनीतिक पैठ की बदौलत उन्होंने राजनीति में अपना वर्चस्व कायम किया। लक्ष्मी राणा पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और कांग्रेस संगठन में भी कई पदों पर रही है।

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