ऋषिकेश- एम्स में विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में जनसामान्य में विभिन्न लाभप्रद जानकारियां साझा की

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश _ प्रत्येक कैंसर जानलेवा नहीं होता है। सही समय पर यदि इसकी पहचान करके उचित इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। जरूरत है तो कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने, समय पर इलाज शुरू करने और उपचार से संबंधित संसाधनों को विकसित करने की।
एसोसिएशन ऑफ रेडिएशन ऑन्कोलाॅजिस्ट ऑफ इन्डिया के अध्यक्ष और एम्स ऋषिकेश में रेडिएशन ऑन्कोलाॅजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में जनसामान्य में विभिन्न लाभप्रद जानकारियां साझा की। उन्होंने बताया इस बार की थीम ’क्लोज द केयर गैप’ रखी गई है। इसका तात्पर्य है कि मरीज के नियमित इलाज हेतु मरीज और अस्पताल के बीच के गैप को कम से कम किया जा सके। लेकिन यह तभी संभव होगा जब कैंसर सेंटर नजदीक हों और रेडियोथेरेपी हेतु उपयोग की जाने वाली लीनियर एक्सीलेटर मशीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। प्रो. गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रति 10 लाख की आबादी पर एक लीनियर एक्सीलेटर मशीन होनी चाहिए। इसके अनुसार देश की 1400 मिलियन आबादी के अनुरूप भारत में 1400 लीनियर एक्सीलेटर होने चाहिंए। जबकि वर्तमान में इनकी संख्या मात्र 700 ही है। यहां काबिलेगौर यह है कि कैंसर के मरीजों में 70-80 प्रतिशत मरीजों को रेडियोथेरेपी की जरूरत होती है। ’क्लोज द केयर गैप’ की थीम तभी सफल होगी जब कैंसर से जूझ रहे मरीजों की रेडियोथेरेपी के लिए यह मशीनें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों।

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