ऋषिकेश- चंद्रग्रहण के सूतक काल में बंद रहेंगे बदरी-केदार मंदिर के कपाट
त्रिवेणी न्यूज 24
बदरीनाथ _ चंद्रग्रहण के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर समेत बीकेटीसी के अधीन मंदिर शनिवार 28 अक्टूबर के दिन शाम 04 से बजे बंद हो जाएंगे। मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने यह जानकारी दी है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि ग्रहण काल का समय 28 अक्टूबर के दिन रात्रि 01 बजकर 04 मिनट है। इसलिए नौ घंटे पहले सूतककाल प्रारंभ होने पर दोनों मंदिर और समिति के अधीनस्थ सभी मंदिर 28 अक्टूबर सायंकाल 04 बजे बंद हो जाएंगे। बताया कि 29 अक्टूबर रविवार को प्रातः शुद्धिकरण के बाद मंदिर के कपाट पूर्ववत ब्रह्ममुहूर्त में खुल जाएंगे। इसके बाद महाभिषेक, रूद्राभिषेक समेत सभी प्रातःकालीन पूजाएं नियत समय पर होंगी। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर को बदरीनाथ मंदिर में पूर्वाह्न 11 बजे राजभोग लगने के बाद मंदिर साफ-सफाई के लिए 2 बजे तक बंद रहेगा। इसे बाद मंदिर में अपराह्न 2 बजकर 10 मिनट पर सायंकालीन आरती होगी। साढ़े 03 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के कपाट 4 बजे से ग्रहणकाल तक के लिए बंद हो जाएंगे। वहीं केदारनाथ मंदिर में 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन रुद्राभिषेक व पूजाएं संपन्न होंगी।
दिन में कुछ देर मंदिर बंद रहेगा उसके पश्चात 4 बजे तक श्रद्धालु दर्शन करते रहेंगे। 4 बजे सायंकाल को मंदिर सूतककाल के चलते बंद हो जाएगा। 29 अक्टूबर को शुद्धिकरण पश्चात प्रातःकाल में पूर्ववत पूजाएं और दर्शन संपादित होंगे। इसी तरह बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधीनस्थ मंदिरों नृसिंह मंदिर जोशीमठ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ, योग बदरी पांडुकेश्वर, भविष्य बदरी तपोवन, त्रिजुगीनारायण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, कालीमठ मंदिर और पंच बदरी मंदिरों में ग्रहण के दौरान पूजा व्यवस्थाएं संपादित होंगी।
