ऋषिकेश- सरकारी भूमि पर ऋषिकेश प्रशासन ने लगाया बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय बनाने का भेजा जाएगा प्रस्ताव
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश- ऋषिकेश के भरत विहार स्थित राज्य सरकार की भूमि पर प्रशासन ने सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगा दिया है। प्रशासन सरकारी भूमि पर ताबड़तोड़ कब्जा करने की कार्रवाई करने का प्लान बना रहा है। इस भूमि पर केंद्रीय विद्यालय बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन जल्द शासन भेज सकता है।
भरत विहार स्थित खसरा संख्या 279/12 जो की जिलाधिकारी खाते की भूमि है। इस भूमि को कब्जा मुक्त रखने के लिए प्रशासन ने सरकारी भूमि होने बोर्ड लगाया है। खबर है कि प्रशासन जल्द ही तारबाड़ का प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को भेजकर बजट की मांग करेगा। ताकि भरत विहार की सरकारी भूमि कब्जा मुक्त रह सके। इसके साथ ही प्रशासन खसरा संख्या 279/12 पर सरकारी विभाग के कार्यालय और केंद्रीय विद्यालय बनाने का प्रस्ताव बनाकर भेजने की तैयारी कर रहा है। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि भरत विहार स्थित खसरा नंबर 279/12 भूमि जिलाधिकारी के नाम दर्ज है। यहां कुल 6.5 हेक्टेयर भूमि है पूर्व में इस भूमि को कुंभ की पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण कर प्लॉटिंग और अवैध निर्माण की शिकायत पूर्व में मिली थी। जिस पर प्रशासन ने एमडीडीए को भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा था। एमडीडीए ने कार्रवाई करते हुए 7 निर्माणाधीन भवनों को सील किया था और प्लॉटिंग भी ध्वस्त की थी। एसडीएम ने कहा प्रशासन सरकारी भूमि पर जल्द तार-बाड़ करेगा इसके साथ ही इस भूमि पर बने 7 भवनों पर नगर निगम द्वारा बेदखली का वाद भी न्यायालय में दायर किया जाएगा। उस पर जो भी कार्रवाई होगी वह की जाएगी। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा भरत विहार स्थित 6.5 हेक्टेयर भूमि जो पर्याप्त मात्रा में सरकार के पास है। जिसे कई सरकारी विभाग भूमि की डिमांड कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय विद्यालय बनाने के लिए भी भूमि चिन्हित करने के लिए कहा गया है। इस भूमि पर केंद्रीय विद्यालय बनाने का प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जा सकता है, ताकि यह भूमि जनहित के काम आ सके। बता दें कि डीएम के आदेश पर भरत विहार स्थित 279/12 भूमि को चिन्हित किया गया था। जिसके बाद इस सरकारी भूमि पर 7 निर्माणाधीन भवन बनाया जा रहे थे। जिनको एमडीडीए ने सील कर दिया था लेकिन अब एक बार फिर से सरकारी भूमि पर धड़ल्ले से निर्माण शुरू हो गया है। यहां निर्माणाधीन 7 भवनों का सील तोड़ दिया गया है। इसके अलावा नए निर्माण भी तेजी से किए जा रहे हैं।
