ऋषिकेश- ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले इन पौधों से बढ़ाएं घर की खूबसूरती
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश- विश्वव्यापी कोरोना महामारी के बाद से लो टीवीगों की लाइफ एकदम से बदल गई है। व्यक्ति अपना अधिकतर समय घर पर ही गुजारने लगा है। लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, ऐसे में घर में ताजगी और फ्रेश ऑक्सीजन पाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। लेकिन इसको लेकर घबराने की बात नहीं है क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसे पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो ना सिर्फ आपको फ्रेश ऑक्सीजन देंगे बल्कि आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाएंगे।

1 _ यह पौधा आस-पास मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में तब्दील कर देता है, साथ ही वातावरण में मौजूद खतरनाक फॉर्मेल्डिहाइड, जाइलीन और टोलुइन को ऑब्जर्व कर लेता है. इस पौधे को आप कम पानी और कम रोशनी में भी अच्छे से उगा सकते हैं।

2 _ लगभग सभी के घर में पाए जाने वाला मनी प्लांट(Money plant) बहुत कम रोशनी में अच्छे से पनप सकता है. यह वातावरण में मौजूद जहरीली गैसों को सोख लेता है और ऑक्सीजन प्रदान करता है, लेकिन मनी प्लांट को बच्चों और पशुओं की पहुंच से दूर रखना चाहिए क्योंकि अगर बच्चे और पशु इसे खा लेते हैं तो उन्हें उल्टी दस्त की समस्या हो सकती है।

3 _ शो प्लांट के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले गरबेरा डेज़ी की खास बात यह है कि यह रात में भी ऑक्सीजन बनाता है. इस पौधे को डायरेक्ट सनलाइट की जरूरत होती है और इसमें नियमित रूप से पानी देना आवश्यक है. तो जब भी आप इस पौधे को घर के अंदर रखें तो ऐसी जगह का चुनाव करें जहां पर सीधी सूरज की रोशनी आती हो।

4 _ यह पौधा अमूमन लोगों के घर में देखने को मिल जाता है वातावरण में मौजूद जहरीली गैसों को अवशोषित करने की क्षमता रखता है. इस पौधे की खासियत है कि इसे धूप की आवश्यकता नहीं होती है धीरे-धीरे बढ़ने वाला यह पौधा बच्चों और पशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

5 _ रिबन प्लांट के नाम से मशहूर यह पौधा 2 डिग्री सेल्सियस में भी जीवित रह सकता है. यह आस-पास के वातावरण से तेजी से कार्बन मोनोऑक्साइड और जाइलीन जैसी गैसों को ऑब्जर्व कर लेता है. इसमें अत्यधिक पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती. मिट्टी में अगर नमी है तो आप एक-दो दिन के गेप से पानी दे सकते हैं।

6 _ इस पौधे की एक बहुत खास बात यह है कि यह रात के समय में भी ऑक्सीजन रिलीज करता है. यह बेनजेन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राईक्लोरोएथिलीन, ट्रिक्लोरो, जाइलीन, टोलुइन जैसी जहरीली गैसों को सोख लेता है. इसके लिए खिड़की से आने वाली सूरज की रोशनी पर्याप्त होती है और इसमें आप हफ्ते में एक से दो बार पानी डाल सकते हैं।
