ऋषिकेश- नगर निगम का संपत्ति कर में छूट का प्रावधान झूठ का पुलिंदा – आशुतोष शर्मा

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – उत्तराखंड जन विकास मंच ने नगर निगम द्वारा संपत्ति कर में छूट का प्रावधान एक तरह से झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उनका कहना है कि नगर निगम सिर्फ राज्य सरकार को प्रस्ताव के माध्यम से संपत्ति कर की दरों को संशोधित करने को कह सकता है इस प्रस्ताव पर निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार को है।
मंगलवार को उत्तराखंड जन विकास मंच का अनिश्चितकालीन धरना धरना 16 दिन भी जारी रहा। विभिन्न क्षेत्रों से समर्थन दिए जाने के क्रम में आज आशुतोष नगर व पशुलोक विस्थापित के संभ्रांत नागरिकों द्वारा अपना समर्थन दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संपत्ति कर में छूट का प्रावधान किया गया वह एक तरह से झूठ का पुलिंदा है। नगर निगम सिर्फ राज्य सरकार को प्रस्ताव के माध्यम से संपत्ति कर की दरों को संशोधित करने को कह सकता है, इस प्रस्ताव पर निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार को है। इसलिए उत्तराखंड जन विकास मंच सकारात्मक ढंग से अपने मांग पूरी होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगा। पूर्व सभासद राम कृपाल गौतम ने बताया कि उत्तराखंड जन विकास मंच के आंदोलन के दबाव के कारण नगर निगम द्वारा आनन-फानन में बोर्ड बैठक बुलाकर संपत्ति कर में छूट का प्रावधान किया गया। जबकि मंच की मांग थी कि नगर निगम संशोधित दरें राज्य सरकार को प्रस्ताव के माध्यम से भेजें और उस पर राज्य सरकार हाउस रेंट अलाउंस की कैटेगरी के अनुसार सी श्रेणी के हिसाब से ऋषिकेश के उपभोक्ताओं पर संपत्ति कर लगाएं। जिसका लाभ भविष्य में ऋषिकेश के भवन स्वामियों को मिल सके।
इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, सचिव लेखराज भंडारी, हरि सिंह भंडारी, एचडी सक्सेना, आशा रानी, जतिन जाटव, सुरेंद्र सिंह नेगी,मनीष मौर्य, परितोष हलदार,ओम रतूड़ी, प्रेमलाल कंडवाल, बेचन गुप्ता,राजू गुप्ता, जय सिंह आदि उपस्थित थे।

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