ऋषिकेश-साल 2021 का आखरी चन्द्र ग्रहण 19 नवंबर को वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा
त्रिवेणी निज 24
ऋषिकेश – भरतीय ज्योतिष के अनुसार धार्मिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण का अति विशेष महत्व माना गया है। धर्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
साल का आखरी चन्द्र ग्रहण अमेरिका, उत्तरी यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर और भारत के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा। साल का आखिरी चन्द्र ग्रहण एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग पड़ता है।
सूतक काल –
उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिष के अनुसार सूतक काल उसी ग्रहण का मान्य होता है जो चंद्र ग्रहण खुली आंखों से दृष्टिगोचर हो सके। उपच्छाया चंद्र ग्रहण सामान्य तौर पर नहीं देखे जा सकते इसलिए इनका सूतक नहीं माना जाता।
साल का आखरी चन्द्र ग्रहण 19 नवंबर को वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र है जबकि कृतिका नक्षत्र सूर्य देव का है। इसलिए इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव सूर्य ग्रह और शुक्र ग्रह से संबंधित लोगों पर ही पड़ेगा। वहीं ग्रहण के दौरान सूर्य देव वृश्चिक राशि में रहेंगे और शुक्र धनु राशि में रहेंगे।
