ऋषिकेश- उत्तराखंड में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की आशंका की खुफिया रिपोर्ट के बाद अलर्ट हुई उत्तराखंड सरकार

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून – उत्तराखंड में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए डीजीपी ने सभी जिलाधिकारियों एवं एसएसपी को प्रत्येक जिले में जिलास्तरीय समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। समिति इस समस्या के निदान के लिए अपने सुझाव देगी। उत्तराखंड में क्षेत्र विशेष में भूमि की खरीद-फरोख्त पर निगरानी रखने और जिलों में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन का फैसला सरकार ने होमवर्क के बाद लिया है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट और अन्य माध्यमों से सरकार तक पहुंची शिकायतें इसका आधार बनी हैं। हाल में ही उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के मामले को लेकर जो बड़ा राजफाश हुआ है, उसे देखते हुए सरकार ने ज्यादा सतर्कता बरतनी शुरू की है। उत्तराखंड के कई जिलों की सीमाएं उप्र से सटी हुई हैं। राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश से लगे जिलों यानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व पौड़ी की जनसंख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसमें भी समुदाय विशेष के व्यक्तियों के बसने और जमीन खरीदने के मामले तेजी से बढ़े हैं।पर्वतीय क्षेत्र में नजर आ रहे डेमोग्राफिक चेंज (जनसांख्यिकी बदलाव) समुदाय विशेष की बढ़ती आबादी के साथ ही रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की घुसपैठ और कई इलाकों में इस वजह से हो रहे पलायन की शिकायतें भी इस फैसले की वजह बनी हैं। जारी आदेश में कहा गया कि प्रदेश के कुछ विशेष क्षेत्रों में जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से जनसांख्यिकी (डेमोग्राफिक) परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। जिसका कुप्रभाव ‘कतिपय समुदाय के लोगों का उन क्षेत्रों से पलायन’ के रूप में सामने आने लगा है। इतना ही नहीं इससे वहां का सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की आशंका भी बनी हुई है।
सरकार को हाल ही में इंटेलीजेंस से जो इनपुट मिला हैं, उसमें बताया गया है कि अब मैदानी जिलों के साथ ही पहाड़ी जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी व अल्मोड़ा में समुदाय विशेष की बसावट तेजी से हो रही है। इनमें रोहिंग्या, बांग्लादेशी के भी शामिल होने की आशंका है। यही नहीं, बड़ी संख्या में नेपाली मूल के नागरिक भी अवैध रूप से रह रहे हैं। इन्होंने यहां वोटर कार्ड और पहचान पत्र भी बनवाए हुए हैं। शासन ने आपराधिक इतिहास वाले राज्य के बाहर से आए लोगों का व्यवसाय और मूल निवास स्थान का सत्यापन का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। शासन ने जिलों में निवास कर रहे विदेश मूल के उन लोगों के खिलाफ सख्त करवाई करने को कहा है, जिन्होंने धोखे से भारतीय वोटर कार्ड अथवा पहचान पत्र बनवाए हैं। ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार करवाई की जाएगी।

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