ऋषिकेश- प्रदेश में कोरोना के साथ जानलेवा “ब्लैक फंगस” बीमारी और “तीसरी लहर” रोकथाम को सरकार की क्या है तैयारी

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून – उत्तराखंड जहां एक ओर अभी कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है। वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों में जानलेवा ब्लैक फंगस की बीमारी और कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी प्रदेश सरकार खुद को पुख्ता तरीके से तैयार करने में जुट गयी है। प्रदेश सचिव आईएएस डॉ. पंकज कुमार पांडे ने एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को एक पत्र लिखा है। 12 मई को लिखे पत्र में म्यूकोरमाइकोसिस इन्फेक्शन के
प्रिवेंशन, कंट्रोल और क्लीनिकल मैनेजमेंट को लेकर एक्सपर्ट ग्रुप की रेकमेंडेशन मांगी गयी है।
पत्र में कहा गया है कि देश के विभिन्न भागों में कोविड-19 के
मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस एक प्राणघातक दशा के रूप में उभर रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ग्रुप इसके प्रीवेंशन कंट्रोल और मेडिकल मैनेजमेंट के दृष्टिकोण से उत्तराखंड सरकार को एक कंप्रिहेंसिव रिकमेंडेशन दे। कोविड-19 की तीसरी लहर को लेकर उत्तराखंड के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने दून मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डॉ. देवरत रॉय को पत्र लिखा है। लिखे इस पत्र में कहा गया है कि उत्तराखंड राज्य में कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण अत्याधिक रोगियों की संख्या और मरीजों की मृत्यु का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसा माना जा रहा है कि कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है। जिसके इंफेक्शन की वजह से और भी अधिक मरीजों की संख्या और मृत्यु का कारण बन सकती है। इसको रोकने और बचाव के लिए समय पर तैयारी महत्वपूर्ण होगी। 15 अप्रैल 2021 को डॉ. देवरत रॉय की अध्यक्षता में एक टेक्निकल कमेटी गठित की गई थी। इस कमिटी से पब्लिक हेल्थ के लिए समय पर पर्याप्त तैयारी के लिए कोविड-19 की तीसरी लहर से बचाव के लिए रिकमेंडेशन मांगी गई है।

You may have missed

%d bloggers like this:
Breaking News