ऋषिकेश- एम्स ने गेट नंबर 3 के बाहर निर्माणाधीन जनता शौचालय का किया विरोध
त्रिवेणी न्यूज 24 ऋषिकेश – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा प्रशासन से संस्थान भवन के गेट नंबर तीन के बाहर निर्माणाधीन जनता शौचालय का विरोध किया है। एम्स ने इसको लेकर को तर्क दिए हैं।
1. एम्स की ओर से बताया गया कि संस्थान टर्सरी लेवल का संस्थान है,जिसमें अंगदान प्रत्यारोपण केंद्र के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, यहां कॉर्निया ट्रांसप्लांट शुरू हो चुका है, जबकि जल्द किडनी, हार्ट व लीवर ट्रांसप्लांट सेंटर जल्द शुरू किए जाने हैं। लिहाजा हार्ट, किडनी, लीवर ट्रांसप्लांट सेंटर तक अंगों को प्रत्यारोपण के लिए लाने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया जाना नितांत आवश्यक है,जिसके लिए सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण व अनावश्यकरूप भीड़भाड़ से व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। 2. बताया गया कि जहां पब्लिक टॉयलट का निर्माण किया जा रहा है वह एम्स ऋषिकेश का गेट नंबर 3 है जो कि ओपीडी / आईपीडी रोगियों के प्रवेश और निकासी के लिए मुख्य द्वार है, इसके अलावा यह ट्रामा और आपातकालीन रोगियों का एकमात्र प्रवेश द्वार भी है। जिससे होकर दैनिकरूप से लगभग 10,000 से अधिक लोग आवागमन करते हैं। बताया गया कि इसी द्वार से एम्स ऋषिकेश में राज्य सरकार द्वारा स्थापित कोविड हायर सेंटर का पहुंच और पब्लिक पार्किंग का माध्यम भी है। ऐसे में अनेक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग के किनारे एम्स की चहारदिवारी से सटाकर निर्माण कार्य से ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, दुर्घटना पीड़ितों को क्रिटिकल केयर सेंटर तक पहुंचाने व अन्य सार्वजनिक आवागमन में बाधा उत्पन्न होने व यातायात जाम से प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी आशंका है। 3. एम्स की ओर से बताया गया कि इसी निर्माण स्थल से बामुश्किल 50 मीटर पर एम्स ऋषिकेश का हेलीपैड बना है,जहां पर अमूमन गंभीर प्रकृति के मरीजों को एयरलिफ्ट कर एम्स अस्पताल पहुंचाया जाता है। हेली लैंडिंग और टेक ऑफ के वक़्त सुरक्षा के लिहाज़ से गेट न 3 का ट्रैफिक रोकना पड़ता है, जो बाहर खड़ी एम्बुलेंस में गम्भीर मरीज के लिए घातक हो सकता है। अतः एम्स द्वारा एक और पर्यायी (वैकल्पिक)गेट बनाने की योजना भी है। इसके अलावा एम्स संस्थान के ठीक बाहर इस पब्लिक टॉयलेट का निर्माण किए जाने से राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का सौंदर्यीकरण तो प्रभावित होगा ही, इससे साथ साथ संस्थान की सुरक्षा और अन्य चीजें भी प्रभावित होंगी।
शौचालय निर्माण किए जाने से स्वच्छता के प्रयासों के भी क्षीण होने की काफी हद तक संभावनाएं हैं।
