ऋषिकेश- एम्स में एचआईवी ग्रसित मरीजों के लिए एंटी रिट्रो वाइरल के थेरेपी सेंटर प्रारंभ
त्रिवेणी न्यूज 24 ऋषिकेश – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में विश्व एड्स दिवस पर एचआईवी वायरस से ग्रसित मरीजों की समग्र जांच एवं उपचार के लिए एंटी रिट्रोवायरल थैरेपी सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया गया। एम्स में खुले सेंटर में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों के पंजीकृत एड्स मरीजों को सरकार द्वारा प्रदत्त निशुल्क उपचार मिल सकेगा। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों से आए एचआईवी से ग्रस्त मरीजों को इस बीमारी के प्रति जागरुक भी किया गया। मंगलवार को वर्ल्ड एड्स-डे के अवसर पर एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने संस्थान में एंटी रिट्रोवायरल थैरेपी एआरटी सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि 2019 में विश्वभर में लगभग 6 लाख 90 हजार लोगों की मौत हुई है। इस बीमारी का कोई शर्तिया इलाज नहीं है लिहाजा इसे सिर्फ जनजागरूकता से ही रोका जा सकता है।

सरकार के नए दिशा- निर्देश के अनुसार इस बीमारी से ग्रसित हर व्यक्ति का उपचार जरूरी है, चाहे वह बीमारी की किसी भी अवस्था में हो। संस्थान में एमबीबीएस, टेक्निशियन व नर्सिंग के पाठ्यक्रम में इस बीमारी को आवश्यक सुधार के साथ सम्मिलित किया जाएगा तथा समय- समय पर एम्स की सोशियल आउटरीच सेल के द्वारा विभिन्न हाईरिस्क ग्रुप्स को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया जाएगा। डा.सोमप्रकाश बासू ने सर्जरी के दौरान निडिलस्टिक इंजरी को रोकने व इससे बचाव के उपाय बताए। बालरोग विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत बट्ट ने इस बीमारी को माता पिता से बच्चों में संक्रमण होने से बचाव की जानकारी दी। जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. मीनाक्षी धर, एआरटी सेंटर प्रभारी डा. मीनाक्षी खापरे व फैकल्टी इंचार्ज डा.मुकेश बैरवा ने बताया कि हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस पर जनसामान्य को एचआईवी संक्रमण से बचाव व जरुरी एहतियात के बारे में जागरुक किया जाता है। साथ ही उन्हें स्वयं व दूसरों को इस लाइलाज बीमारी से बचाव के बारे में आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाती हैं। एचआईवी ग्रसित मरीजों एम्स के जनरल मेडिसिन विभाग में स्थापित एआरटी सेंटर में मरीज सप्ताह में दो दिन (सोमवार व बुधवार को) निशुल्क परामर्श व उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान प्रो.लतिका मोहन, प्रो.वर्तिका सक्सेना, डा.नैरिता हजारिका आदि मौजूद थे।
