ऋषिकेश- कक्षा एक में प्रवेश के लिए निर्धारित आयु सीमा के उल्लंघन पर अपनाया कड़ा रुख

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ प्रदेश सरकार ने कक्षा एक में प्रवेश के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 एवं उत्तराखंड फ्री और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 के अंतर्गत जारी अधिसूचना के अनुसार कक्षा एक में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष निर्धारित की गई है। यह आयु शैक्षणिक सत्र के एक जुलाई से पूर्व पूरी होनी चाहिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्री-स्कूल की विभिन्न कक्षाओं (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) के लिए भी आयु सीमा तय है। नर्सरी में प्रवेश के लिए तीन वर्ष, एलकेजी के लिए चार वर्ष और यूकेजी के लिए पांच वर्ष पूर्ण होना आवश्यक है।
लेकिन, संज्ञान में आया है कि कुछ विद्यालय इन मानकों की अनदेखी कर समय से पहले बच्चों को कक्षा एक में दाखिला दे रहे हैं। इससे न केवल बच्चों पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव बढ़ता है बल्कि उनके मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सचिव शिक्षा रविनाथ रामन ने आदेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आयु मानकों का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। जो विद्यालय इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं, उनकी मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजे जाएं।

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