ऋषिकेश- सचिवालय में अवैध और बैकडोर नियुक्तियों के मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई

त्रिवेणी न्यूज 24
नैनीताल _ उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिवालय में हुई अवैध नियक्तियों के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने अगली सुनवाई हेतु एक सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। याचिकाकर्ता अभिनव थापर और बैजनाथ की तरफ से कहा गया कि इस मामले में कई बार सुनवाई हो चुकी है. इसलिए मुकदमे की शीघ्र सुनवाई की जाए। मामले के अनुसार, देहरादून निवासी अभिनव थापर ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। उनके द्वारा जनहित याचिका में विधानसभा सचिवालय में हुई बैकडोर भर्ती, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को चुनौती दी गई है। जनहित याचिका में कहा है कि विधानसभा ने एक जांच कमेटी बनाकर विधानसभा सचिवालय में हुई 2016 के बाद की भर्तियों को रद्द कर दिया है। सचिवालय में यह घोटाला 2000 में राज्य बनने से अब तक होता रहा है. जिसपर सरकार ने अनदेखी कर रखी है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्राथर्ना की गई है कि विधानसभा भर्ती में भ्रष्टाचार से नौकरियों को लगाने वाले ताकतवर लोगों के खिलाफ उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में जांच कराई जाए। उनसे सरकारी धन की वसूली कर उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए। सरकार ने 6 फरवरी 2003 का शासनादेश जिसमें तदर्थ नियुक्ति पर रोक, संविधान का अनुच्छेद 14, 16 और 187 का उल्लंघन है. जिसमें हर नागरिक को सरकारी नौकरियों में समान अधिकार और नियमानुसार भर्ती होने का प्रावधान है. उत्तर प्रदेश विधानसभा की 1974 की सेवा नियमावली और उत्तराखंड विधानसभा की 2011 नियमवलयों का उल्लंघन किया है।

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