ऋषिकेश- सर्वे ऑफ इंडिया ने 17 साल बाद जारी किया उत्तराखंड का नया नक्शा

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ सर्वे ऑफ इंडिया ने उत्तराखंड राज्य के मानचित्र का तीसरा संस्करण जारी किया है। यह अपडेटेड मानचित्र आमजन शोधकर्ताओं और योजनाकारों के लिए उपयोगी होगा। 1500000 के पैमाने पर तैयार किया गया यह नक्शा रोड नेटवर्क और अन्य बदलावों को दर्शाता है। इसे सर्वे ऑफ इंडिया की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें SOI ने प्रदेश के अहम स्थलों की दूरी भी शामिल की है।
किसी भी देश, राज्य या स्थल के बार में एक नजर में ही सब कुछ जानना हो तो यह कार्य नक्शे से ही संभव हो पाता है। नक्शा जितना सटीक होगा, उस स्थल की पहचान और पहुंच उतनी ही सटीक हो पाती है। राज्यों के परिपेक्ष्य में स्टीक और अपडेट नक्शे की अहमियत और बढ़ जाती है। अब उत्तराखंड को भी अपडेट नक्शा मिल गया है। देश में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लेकर राज्यों का नक्शा तैयार करने के लिए एकमात्र अधिकृत एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया ने उत्तराखंड का स्टेट मैप तैयार किया है। यह स्टेट मैप का तृतीय संस्करण है और यह पूरी तरह अपडेट और 1:50,0000 (एक अनुपात पांच लाख) स्केल पर तैयार किया गया है। सर्वे ऑफ इंडिया ने उत्तराखंड के स्टेट मैप का पहला संस्करण राज्य गठन के बाद वर्ष 2003 में जारी किया था। इसके बाद नक्शे का दूसरा संस्करण वर्ष 2008 में तैयार किया गया। इसके बाद लंबे समय से उत्तराखंड में अपडेट नक्शा नहीं मिल पाया था, जबकि इस अवधि में रोड नेटवर्क से लेकर बदलाव राज्य में नजर आए हैं।
लिहाजा, प्रदेश की ताजा तस्वीर के लिहाज से नया नक्शा बेहद कारगर साबित होगा। न सिर्फ इसका लाभ आमजन को मिलेगा, बल्कि शोधकर्ता, योजनाकार और पर्यटकों के लिए भी नया नक्शा मददगार साबित होगा। उत्तराखंड के स्टेट मैप का तीसरा संस्करण भारत के महासर्वेक्षक (सर्वेयर जनरल) हितेश कुमार एस मकवाना की देखरेख में तैयार किया गया है। कोई भी व्यक्ति इस नक्शे में सर्वे ऑफ इंडिया से वेबसाइट www.surveyofindia.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकता है। उत्तराखंड का नया स्टेट मैप 1:500000 (एक अनुपात पांच लाख) के स्केल पर तैयार किया गया है। किसी भी नक्शे का स्केल यह बताता है कि नक्शे में जो दूरी एक स्थल से दूसरे स्थल की निकलकर आएगी, वह धरातल पर कितने मीटर या किलोमीटर की होगी। वर्तमान नक्शे के स्केल के हिसाब से देखा जाए तो नक्शे का एक सेंटीमर धरातल पर पांच किलोमीटर का होगा। नक्शों के जानकार स्केल से नक्शे में दूरी का आकलन कर धरातल की दूरी निकाल सकते हैं।

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