ऋषिकेश- फर्जीवाड़े पर अंकुश के लिए इस बार पहले से साइबर थाने में चार लोगों की टीम गठित

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाने का मन बना रहे हैं तो इंटरनेट पर बिछे साइबर ठगों के जाल से बचना होगा। जरा सी चूक आपको ठगी का शिकार बना सकती है। फर्जीवाड़े पर अंकुश के लिए इस बार पहले से साइबर थाने में चार लोगों की टीम गठित कर दी गई है। टीम का पर्यवेक्षण सीओ साइबर अंकुश मिश्रा करेंगे।
बता दें कि मंगलवार से हेली सेवा की बुकिंग शुरू हो गई है। हर साल हेली सेवाओं के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी की जाती है। ठग केदारनाथ हेली सेवा बुक करने के नाम पर लोगों से प्रति व्यक्ति हजारों रुपये लेकर उन्हें फर्जी टिकट तक भेज देते हैं। वर्ष 2023 में इस तरह की ठगी से संबंधित 40 से ज्यादा मुकदमे प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए थे। ठगी का शिकार होने वालों में अधिकतर लोग उत्तराखंड के बाहर के ही थे। असल वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट बनाकर लोगों को भ्रम में डालकर ठगी का शिकार बनाया जाता है। ऐसे में पिछले साल शुरुआत से ही साइबर पुलिस ने नई वेबसाइट पर शिकंजा कसना शुरू किया था। टीम के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सीओ साइबर अंकुश मिश्रा को दी गई है। सोशल मीडिया पर विशेषतौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि, शुरुआती दौर में ही लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके। ज्यादा से ज्यादा फर्जी वेबसाइट को बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस की ओर से भी जागरूकता के लिए कार्यक्रम ऑनलाइन चलाए जाएंगे।
बता दें कि पिछले साल से सरकार ने आईआरसीटीसी को टिकट बुकिंग का काम सौंपा था। ऐसे में केवल इसी वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in से टिकट बुक किए जा रहे थे। इस वर्ष भी यह जिम्मेदारी आईआरसीटीसी के पास ही रहेगी। इस वेबसाइट पर कोई मोबाइल नंबर नहीं दिया गया है। जबकि, फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया विज्ञापनों में मोबाइल नंबर दर्ज होता है। ताकि, लोग इस पर फोन करें और ठग उन्हें अपनी बातों में फंसा लें।

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