ऋषिकेश- उत्तराखंड में हर साल नवरात्रि पर लोगों को अस्पताल पहुंचा रहा कुट्टू का आटा, आंकड़े कर रहे तस्दीक
त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून:-उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कुट्टू के आटा के पकवान खाने की वजह से 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। विकासनगर क्षेत्र से सभी बीमार लोगों को राजधानी देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल, दून अस्पताल और महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल चाल जाना। उत्तराखंड में कुट्टू के आटे से फूड प्वाइजनिंग की ये कोई पहली घटना घटना नहीं है। रुड़की से लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश से लेकर कुमाऊं में भी बीते कुछ सालों में कुट्टू के मिलावटी आटे ने लोगों की सेहत बिगाड़ी है।
2020 में रुड़की और भगवानपुर में 100 लोग हुए थे बीमार _
इसी तरह की घटना साल 2020 में रुड़की में सामने आई थी. यहां पर नवरात्रि में 18 अक्टूबर 2020 के दिन कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाने की वजह से 50 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। इसमें कई बच्चे और कई उम्रदराज लोग भी शामिल थे। सभी लोगों को रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालांकि इसके बाद प्रशासन ने अपील करते हुए कुट्टू के आटा से बनी चीजों को सभी को परहेज करने की नसीहत तो दी थी। साथ ही छापेमारी भी की गई थी। रुड़की के अलावा मंगलौर में भी अक्टूबर 2020 में कुछ लोगों की तबीयत कुट्टू के आटा से बने व्यंजन खाने की वजह से खराब हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके दुकानों से कुट्टू के आटे के सैंपल भरे थे।
ऋषिकेश में 2021 में अस्पताल पहुंचे सैकड़ों लोग _
साल 2020 के बाद साल 2021 में भी एक बार फिर से कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने की वजह से ऋषिकेश में 35 लोगों को फूड प्वाइजनिंग हो गई थी। तबीयत बिगड़ने की वजह से लोगों को उल्टी, जी घबराना जैसी दिक्कत हुई थी। जिसके बाद कई लोगों की हालत बेहद खराब हो गई थी. जिस समय ऋषिकेश में यह वाकया घटा था, उसी वक्त हरिद्वार में भी 20 लोगों की तबीयत खराब होने की वजह से सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इतना ही नहीं साल 2021 में ही रुड़की के गांव में भी कुट्टू के पकोड़े खाने की वजह से फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया था।
2022 में 125 लोग हुए अस्पताल में भर्ती _
2020 और साल 2021 में कुट्टू के आटे के व्यंजन खाने से बीमार हुए लोगों की घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया गया। साल 2022 में भी कुट्टू के आटे से बने भोज्य पदार्थों को खाने की वजह से हरिद्वार में 125 लोग ऐसे बीमार पड़े कि उनको रातों-रात अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। हरिद्वार में यह 125 लोग अलग-अलग जगहों के रहने वाले थे। इनमें श्यामपुर, कांगड़ी, रोशनाबाद, कनखल, ब्रह्मपुरी, इंदिरा बस्ती जैसी कॉलोनियों के लोग शामिल थे। हालांकि 2 दिन अस्पताल में इलाज मिलने के बाद इन सभी लोगों को छुट्टी दे दी गई थी। चौंकाने वाली बात ये है कि ये घटनाएं हर बार नवरात्रि पर हुई हैं। सवाल यह खड़ा होता है कि लोग क्या इस आटे में मिलावट कर रहे हैं या फिर रखा हुआ आटा (कहीं एक्सपायरी डेट तो नहीं) लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है।
