ऋषिकेश- उत्तराखंड की बेटियों को धामी सरकार दे रही बनी ड्रोन का प्रशिक्षण

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ उत्तराखंड सरकार के आईटीडीए कैल्क द्वारा संचालित ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन कोर्स के तहत प्रदेश की बेटियां ड्रोन पायलट बनकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस कोर्स में ड्रोन असेम्बलिंग, रिपेयरिंग और फ्लाइंग तक का प्रक्षिशण दिया जा रहा है। धामी सरकार का लक्ष्य राज्य के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है. इसी उद्देश्य से, आईटीडीए कैल्क, भारत सरकार की वित्तीय सहायता और उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन कोर्स कराया जा रहा है. सीएम धामी का कहना है कि भविष्य कि मांग तेजी से बढ़ेगी, इसलिए हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा इस केहस्ती में पहले से प्रशिक्षित हो और अन्तनिर्भर बने। दून में स्थित प्रांतीय युवा कल्याण निदेशालय परिसर में चल रहे इस कोर्स के पहले बैच में प्रदेश भर से 52 युवतियां शामिल हो रही हैं। कोर्स के तहत उन्हें 37 दिन में कुल 330 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसमें प्रशिक्षण से लेकर रहने, खाने और आने जाने का व्यय तक सरकार की ओर से उठाया जा रहा है। युवाओं को ड्रोन रिपेयरिंग और संचालन का प्रशिक्षण देने के लिए ऋषिकेश और पिथौरागढ़ में दो आईटी स्किल ग्रोथ सेंटर संचालित हैं।
ऋषिकेश सेंटर के प्रभारी वीरेंद्र चौहान ने बताया कि कोर्स के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल प्रशिक्षुओं को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण में पहला पांच स्थान पर रहे प्रशिक्षुओं का मुफ्त ड्रोन भी दिया जाएगा। योजना के तहत कुल 200 युवक-युवतियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है।
पिथौरागढ़ की तनुजा वर्मा, गैरसैंण की रौशनी और उत्तरकाशी की जशोदा जैसी वंचित वर्ग की बेटियां आज ड्रोन पायलट बन रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों ने कहा कि अब वो ड्रोन सेवाओं पर आधारित स्वरोजगार करने के साथ ही आपदा और चिकित्सा सेवा में भी सरकार को सहयोग प्रदान कर सकते हैं। इसमें से कुछ खुद का ड्रोन भी खरीदने की योजना बना रही हैं।

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