ऋषिकेश- राष्ट्रीय खेलों में फिक्सिंग पर दूसरा ऐक्शन लेते हुए ताइक्वांडो से 18 रेफरी और 30 कोच हटाए
त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ राष्ट्रीय खेल में ताइक्वांडो के पदकों की फिक्सिंग में दूसरी बड़ी कार्रवाई हुई है। हल्द्वानी पहुंच चुके 18 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के रेफरियों को अचानक बाहर कर दिया गया। इसके अलावा 50 में से 30 कोच भी हटाए गए हैं। इससे पूर्व सोमवार को तकनीकी आचरण समिति (जीटीसीसी) ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता के डायरेक्टर ऑफ कंपटीशन (डीओसी) को भी हटा दिया था। हटाए रेफरियों ने जीटीसीसी की चेयरपर्सन सुनैना कुमारी को शिकायती पत्र भेजकर आपत्ति जताई है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के तहत ताइक्वांडो प्रतियोगिता शुरू से विवाद में घिर गई है। आरोप है कि ताइक्वांडो में प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही 16 भार वर्गों में से 10 के परिणाम तय कर दिए गए थे। आरोप लगा था कि डीओसी ने स्वर्ण पदक के लिए तीन लाख रुपये की मांग की थी। जबकि रजत पदक के लिए दो लाख और कांस्य पदक के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद ही जीटीसीसी की अध्यक्ष सुनैना कुमारी ने कार्रवाई करते हुए डीओसी को हटा दिया था।
राष्ट्रीय खेलों के लिए देशभर से हल्द्वानी पहुंचे ताइक्वांडो इवेंट के 18 रेफरियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसके अलावा 30 कोच भी हटाए गए हैं। इससे नाराज रेफरियों और कोचों ने बुधवार को हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर के मोनाल हॉल में खूब हंगामा भी किया। रेफरियों को हटाए जाने पर कोचों ने भी अपना विरोध जताया है। आरोप लगाया कि पचास कोच तय थे, इसमें से महज बीस को ही एंट्री दी गई है। जबकि तीस कोचों को बाहर कर दिया गया है। इससे अब खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ेगा। ताइक्वांडो के डीओसी एस. दिनेश कुमार ने कहा, ‘रेफरी हटाने का हक डीओसी को नहीं है, यह जीटीसीसी की ओर से किया गया है। राज्यों की स्टेट ओलंपिक संघ की ओर से रेफरी एवं कोच का नाम जीटीसीसी को भेजा जाना है। जीटीसीसी की मंजूरी मिलने के बाद ही उन्हें शामिल किया गया है।
