ऋषिकेश- शवों को घर तक पहुंचाने के लिए शुरू होगी हेली एंबुलेंस सेवा
त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के प्रयास के तहत राज्य सरकार अब एक नई पहल शुरू करने जा रही है। अस्पतालों में मौत के बाद शवों को उनके निवास स्थान तक पहुंचाने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने हेतु तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। अब तक राज्य में हेली एंबुलेंस सेवा का उपयोग केवल गंभीर मरीजों को दूरदराज के इलाकों से ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) तक लाने के लिए किया जाता था। लेकिन अब इस सेवा का दायरा बढ़ाते हुए इसे शवों को उनके निवास स्थान तक पहुंचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए राहत प्रदान करेगी, जहां परिवहन की सुविधाएं सीमित हैं।
शासन ने तीन सदस्यीय टीम की गठित _
शासन ने इस योजना को साकार रूप देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. सुनीता टाम्टा करेंगी। अन्य सदस्यों में चिकित्सा शिक्षा के निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना और संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत जौहरी शामिल हैं। यह समिति सेवा से जुड़े सभी पहलुओं का आकलन करेगी और एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करके शासन को सौंपेगी।
इस नई सेवा के जरिए उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने दिवंगत परिजनों को वापस निवास स्थान तक ले जाने के लिए परिवहन में दिक्कतों का सामना करते हैं। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में यह सेवा अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगी. हालांकि, इस योजना के कार्यान्वयन में कई चुनौतियां भी हो सकती हैं। समिति की रिपोर्ट में इन चुनौतियों का विश्लेषण किया जाएगा और उनके समाधान सुझाए जाएंगे।
अन्य राज्यों के निवास स्थानों तक पहुंचाए जाएंगे शव _
यह हेली एंबुलेंस सेवा न केवल उत्तराखंड के भीतर बल्कि बाहरी राज्यों के निवास स्थानों तक शव पहुंचाने के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि परिजन अपने दिवंगत सदस्य को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए अपने गृह स्थान तक ले जा सकें। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश ने इस योजना के बारे में बताते हुए कहा वर्तमान में हेली एंबुलेंस का उपयोग केवल गंभीर मरीजों को एम्स ऋषिकेश तक लाने के लिए किया जा रहा है। लेकिन अब शवों को निवास स्थान तक पहुंचाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। समिति की रिपोर्ट आने के बाद शासन इस पर अंतिम निर्णय लेगा।
