ऋषिकेश- वेदिक धाम में नादयोग १का एक दिवशीय संगोष्ठी का समापन
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेष _ वेदिक धाम में एस.आर. एस्ट्रो वर्ल्ड के तत्वाधान में आयोजित नादयोग संगोष्ठी में अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम का संचालन एस.आर. एस्ट्रो वर्ल्ड संस्थापक ज्योतिषाचार्य आचार्य सोनिया राज द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी ने नाद योग के विस्तृत वर्णन के साथ नादयोग क्या है तथा इसका हमारे मन वाणी एवं विचारों पर भौतिक जगत में पढ़ने वाले प्रभावों के साथ एकाग्रता से जोड़ने पर बल दिया। कहा कि विश्व व ब्रह्मांड की भाषा नादयोग है। उन्होंने अकार, ओकार व मकार का वर्णन मस्तिष्क आत्मा व मन को एकाकार करने को ही नादयोग बताया।
योगी उदय रायल ने कहा कि जो युवा है वो सोशल मडिया के साथ आज के समय में अपनी सामाजिक ध्वनि को बढाने के साथ साथ मुख्य रूप से अपने अंतर्मन की ध्वनि की पहचान करें व उन्होंने आत्म साधना पर बल दिया। योगी उदय रायल ने बताया कि, हर देवी-देवता के पास अपना स्वयं का वाद्य यन्त्र है जैसे श्रीकृष्ण के पास उनकी मुरली, सरस्वती जी की वीणा और नारद आदि देवता सभी अपने वाध्ययंत्रो द्वारा ईश्वर की साधना करते रहे हैं। इस भौतिक जगत में शक्ति को केन्द्रित व एकाग्र करने का मुख्य साधन नाद साधना है। ज्योतिषाचार्य आचार्य सोनिया राज द्वारा नादयोग के क्षेत्र में की जा रही अप्रतिम गति की सराहना की। उनका कहना था कि सृष्टि की उत्पत्ति की खोज जो पाई-मेसोन कण के द्वारा किये जाने की पुष्टि होने के वैज्ञानिक शोध के बारे में बताया की, उससे भी तीव्र ॐ की ध्वनि के लक्षण एवं लौकिक है जिससे साबित होता है कि ॐ ही सृष्टि की उत्पत्ति का कारन है विभिन्न उद्धरणों का उदाहरण देते हुए समाज में नादयोग की महत्ता के बारे में विशेष वर्णन किया। डॉक्टर ज्योति शर्मा, उदय रायल, समिधा बक्शी, वंदना वत्स, उमा पोद्दार एवं अन्य योगशिक्षक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
