ऋषिकेश- अधिवक्ता लालमणि रतूड़ी ने तहसीलदार के आरोपों को बताया निराधार
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेष _ अधिवक्ता लालमणि रतूड़ी ने तहसीलदार सुशीला कोठियाल की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि उनकी ओर से तहसीलदार के अड़ियल रवैये और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई गई थी। जिसके चलते तहसीलदार ने उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आईएसबीटी स्थित प्रेस क्लब सभागार में अधिवक्ता लालमणि रतूड़ी ने अपने साथियों के साथ प्रेसवार्ता की। कहा कि बीते तीन अगस्त को वह अपने किसी कार्य को लेकर तहसीलदार सुशीला कोठियाल से उनके कार्यालय में मिलने गए थे। लेकिन तहसीलदार अपने कक्ष का दरवाजा बंद करके अंदर बैठी हुई थी। कक्ष में प्रवेश के दौरान गार्ड ने उन्हें रोक दिया और मैडम के बिजी होने की बात कहकर इंतजार करने को कहा। इस दौरान कक्ष के बाहर बहुत से अन्य फरियादी भी तहसीलदार से मिलने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। काफी देर तक तहसीलदार के कक्ष का दरवाजा नहीं खुलने के कारण फरियादियों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक की तरह इसका वीडियो बना लिया। जिसे तत्कालीन डीएम को भेजने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसी दिन सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से मुख्यमंत्री को इसकी शिकायत कर दी। कहा तभी से तहसीलदार उनसे चिढ़ी हुई थीं। इसके बाद बीते 14 अक्तूबर को तहसीलदार की ओर से उनके एक कनिष्ठ साथी की फाइल पर लगाई गई आपत्ति को लेकर वह तहसीलदार कोठियाल से मिलने गए। जहां तहसीलदार वीआईपी ड्यूटी में जाने की बात कहकर एकदम से चली गईं। इसके आधे घंटे बाद कोर्ट परिसर स्थित उनके कार्यालय पर कोतवाली से पुलिसकर्मी पहुंचे और थाने चलने के लिए कहते हैं। जिस पर वह न्यायालय के कार्यों में व्यस्त होने का हवाला देते हुए चलने से मना कर देते हैं। इसके बाद उन्हें 18 अक्तूबर को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलती है। इस मौके पर बार एसोसिएशन के सचिव कपिल शर्मा, उत्तराखंड जन विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, मदन मोहन आदि मौजूद थे।
