ऋषिकेश- उत्तराखंड में भी हैं दक्षिण भारत की कई घी कंपनियों के वितरक, सस्ते दामों में कर रहे बिक्री
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश _ दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिर में दिए जाने वाले प्रसाद में मिलावट के बाद अब दक्षिण के प्रदेशों से आ रहे घी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पड़ताल में पता चला है कि राजधानी देहरादून में ही नहीं बल्कि हरिद्वार से लेकर अन्य जिलों में भी दक्षिण भारत की घी आपूर्ति करने वाली कंपनियों के वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) हैं, जो बेहद सस्ते में घी की बिक्री कर रहे हैं। अब लोग दुकानों पर घी खरीदने जा रहे हैं तो इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि वह घी किस राज्य में निर्मित हो रहा है।
देहरादून समेत विभिन्न जिलों में परचून की दुकानों और सुपर मार्केट में घी के 40 से अधिक तरह के ब्रांड मिल रहे हैं। कई जिलों में तो ब्रांड की संख्या 50 से भी अधिक बताई जा रही है। इनमें बड़ी मात्रा में दक्षिण राज्यों तमिलनाडु, केरल, आंधप्रदेश, कर्नाटक आदि में निर्मित एवं पैक होने वाले घी के ब्रांड भी शामिल हैं। देहरादून में पड़ताल की गई तो पता चला कि दक्षिण प्रदेशों की घी कंपनियों की ओर से यहां काफी संख्या में डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी गई है, जो नियमित रूप से राजधानी और आसपास के इलाकों में घी की आपूर्ति करते हैं। खास बात यह है कि यह घी कई अन्य कंपनियों से सस्ता हैं।
इसके चलते इसकी बिक्री भी खूब हो रही है। इसी तरह हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में भी इन कंपनियों के वितरक घी की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट का मामला सामने आने के बाद अब गुणवत्ता को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बाजार में सभी तरह के घी के मुकाबले सस्ते में मिल रहे घी की बिक्री 50 प्रतिशत तक है। खाने में इस्तेमाल के साथ ही पूजा आदि के लिए अधिकांश तौर पर इसी घी का इस्तेमाल होता है।
डेनमार्क से बड़ी मात्रा में आयात हो रहा बटर ऑयल _
भारत में स्वदेशी नस्लों की गाय के दूध से बनने वाले देसी घी को सबसे अधिक गुणवत्तापूर्ण माना जाता है। इसके दाम भी अधिक हैं, लेकिन ज्यादातर डेनमार्क से भारत में आयात हो रहा देसी घी, वास्तव में बटर ऑयल के नाम बेचा जाता है। इसी बटर ऑयल की आपूर्ति स्थानीय बाजारों में देसी घी के रूप में करीब 300 रुपये प्रति किलो तक में की जा रही है। इसे बाजारों में 500 रुपये प्रति किलो तक में बेचा जाता है। व्यापारी आरएम कंसल बताते हैं कि डेनमार्क का बटर ऑयल भारतीय घी की तुलना नहीं कर सकता। रही बात मिलावट की तो यह जांच के बाद ही साफ हो सकता है।I
