ऋषिकेश- प्लास्टिक कचरे से मुक्त हो सकेगी देवभूमि, मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने की डीडीआरएस की शुरुआत

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे के निस्तारण पर केंद्र सरकार विशेष जोर दे रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए डीडीआरएस (डिजिटल डिपाजिट रिफंड सिस्टम) की शुरुआत की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में इसकी लांचिंग की। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्लास्टिक की बोतल को बार कोड से स्कैन कर डिजिटल पेमेंट प्राप्त किया। इसके साथ ही उत्तराखंड यह पहल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अगले चार माह में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसके लिए पूरा सेटअप तैयार करेगा। एक जनवरी, 2025 से राज्य में डीडीआरएस पूरी तरह लागू होगा। डीडीआरएस से प्लास्टिक कचरे का एकत्रीकरण सुगम होने के साथ ही इसे रिसाइकिल कर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। डीआरएस के तहत पानी, कोल्ड ड्रिंक की प्लास्टिक बोतलों, चिप्स आदि के पैकेट पर संबंधित कंपनियां क्यू आर कोड अंकित करेंगी। इनकी खरीद पर उपभोक्ता से निश्चित राशि ली जाएगी, जो प्लास्टिक बोतल व रैपर को दुकानदार को वापस करने उसे यह डिजिटल माध्यम से लौटाई जाएगी। एकत्रित प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। चारधाम में इस पहल के बेहतर परिणाम आए थे।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि प्लास्टिक कचरा संपूर्ण विश्व के लिए चुनौती है। इसके समाधान को सरकार कदम उठा रही है। राज्य को ग्रीन व क्लीन बनाने की दिशा में डीडीआरएस महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में केदारनाथ में यह प्रयोग किया गया। इसके सफल संचालन के लिए रुद्रप्रयाग जिले को वर्ष 2022 में डिजिटल इंडिया अवार्ड भी मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि धरोहरों को प्लास्टिक के खतरों से बचाने के लिए सभी को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डा पराग मधुकर धकाते, वन विभाग के मुखिया डा धनंजय मोहन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी डीएम वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।

%d bloggers like this:
Breaking News