ऋषिकेश- त्वचा रोग के प्रति बरसात में जरूरी हैं सावधानियां, एम्स ने जारी की हेल्थ एडवाईजरी

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश _ बरसात के मौसम में त्वचा रोगों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। खासतौर से फंगस अथवा एलर्जी की शिकायत वाले लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा दिक्कतें पैदा कर सकता है। इस मौसम में वातावरण में नमी की अधिकता और शरीर में पसीना आने से त्वचा में कई तरह के रोग पैदा होने की संभावना प्रबल हो जाती है। एम्स ऋषिकेश ने इस मामले में एडवाइजरी जारी कर विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बरसात का मौसम अपने साथ न केवल कई तरह की दुश्वारियां लेकर आता है बल्कि इस मौसम में स्किन में एलर्जी से संबन्धित कई तरह की बीमारियां भी जन्म लेती हैं। कारण है कि बरसात के मौसम में कीटाणु बहुत तेजी से पनपते हैं और त्वचा में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इस बाबत जानकारी देते हुए एम्स के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार कंसल ने बताया कि स्वच्छता की कमी, भीड़-भाड वाले स्थानों में ज्यादा देर तक रहने अत्यधिक पसीना आने, गीले या नमी वाले कपड़े पहनने और मौसम में आर्द्रता की वजह से बरसात में विभिन्न प्रकार के चर्म रोग पैदा हो जाते हैं। इनमें त्वचा में चकते उभरना, खुजली होना और बालों का झड़ना प्रमुख रोग हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मामलों में यह फंगल संक्रमण होता है और समय पर इलाज नहीं होने से यह त्वचा में कई जगह फैलना शुरू कर देता है। डॉ. कंसल ने बताया कि एम्स में त्वचा रोगों से संबंधित सभी प्रकार के परीक्षण और इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीति भाटिया का कहना है कि बरसात के मौसम में चेहरे पर मुहांसे और लाल पपल्स उभरना आम बात है। इसे एलर्जी अथवा एक्जिमा भी कहते हैं। खासतौर से यह शरीर पर खुजली वाले लाल चकते के साथ देखी जाती है। इसके अलावा अधिकांश लोगों में बरसात के मौसम में बालों का झड़ना और उनमें रूखापन आने की समस्या भी होती है। इसलिए त्वचा रोगों से बचने के लिए शरीर की स्वच्छता बनाए रखना बहुत जरूरी है।

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