हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया l
ऋषिकेश रविवार को रेलवे रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा विद देवेन्द्र दत्त सकलानी की अध्यक्षता में कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया l
इस मौके पर कवियत्री ऊषा कटियार ने शाम से मन है परेशान, सुबह की उम्मीद से जगा lकवि प्रबोध उनियाल ने बाहर उजाले बहुत है,
अपने भीतर के उजाले के साथ एक लंबी यात्रा पर निकलना है।कवि रामकृष्ण पोखरियाल ने चीन हम को तुम मत ललकारना सीमाओं के बारे में जंग के पहरेदार खड़े है अंधेरे और उजाले में। कवि डॉ. दयाधर दिछित ने मातृ भूमि पर मरने वालों को जब मन में व्याकुलता होगी, हर जन्म इसी की सेवा को एक पावन उत्तकँठा होगी l
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक दिनेश सती, प्रधानाचार्य शीशपाल सिंह रावत, रमाबल्ल्भ भट्ट, पुष्पा ध्यानी, भूपेंद्र राणा, राकेश आदि मौजूद थे l
