ऋषिकेश- उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने के 24 घंटे में 43 मामले, 52 लोगों पर केस
त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ उत्तराखंड के टिहरी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल सहित कई जिलों के जंगल आग की लपटों से झुलस रहे हैं। आग बुझाने के लिए सरकारी अमला लगा हुआ है। एक स्थान से आग बुझती है तो दूसरे जंगल से आग लगने की खबर आ जाती है। आग में जलते जंगल साल 2016 की भयावता को याद दिला रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी आग पर काबू पाने के साथ उसे भड़काने वाले अराजकतत्वों पर नजर रखे हुए हैं। अब तक 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उत्तराखंड में जंगल में आग लगाकर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर नजर रखी जा रही है। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत राज्य के कुछ इलाकों में मामले दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया है। आग लगाने वाले लोगो की पहचान कर उन पर मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक करीब 52 लोगो के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है. उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही हैं।
कोई तो है जो जंगलों में आग लगा रहा है, यह सवाल राज्य के लोगों में मन में पैदा हो रहा है. 52 लोगों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमें भी इस शक को और मजबूत कर रहे हैं। जिस तरह एक के बाद एक आग की घटनाएं जंगलों में घट रही हैं उससे हालत खराब होते जा रहे हैं। प्रदेश वन महकमे की कमान संभालने के बाद प्रमुख वन संरक्षक हॉफ सीनियर आईएफएस अधिकारी धनंजय मोहन जंगलों में फैली आग पर काबू पाने के लिए हरसंभव कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने मीडिया से आग पर जल्द काबू पाने और अराजकतत्वों पर नजर रख उन्हें सजा दिलाने की बात कही है।
