ऋषिकेश- सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय क्षेत्रों में मौजूद सम्पत्तियों का विवरण कराएं उपलब्ध
त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि निकाय क्षेत्रों में जो भी निकाय सम्पत्ति मौजूद है, उसका पूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं तथा इसी के साथ सम्पत्तियों के किराए की स्थिति तथा कब्जायुक्त सम्पत्तियों का विवरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि निकाय सम्पत्तियों पर सर्किल रेट के आधार पर वार्षिक रूप से किरायों में वृद्वि करें और जो भी सम्पत्ति का आवंटन अथवा किराए का निर्धारण सार्वजनिक रूप से नीलामी के आधार पर निर्धारित किया जाए। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अपने अपने निकाय क्षेत्र में मुख्य मार्ग से शहर में प्रवेश करने वाले किसी एक मार्ग को पूर्ण रूप से कब्जामुक्त कराते हुए आदर्श मार्ग के रूप में विकसित करें, जिसमें सौंदर्यकरण, स्वच्छता, वृक्षारोपण आदि कार्य कराए जाएं, ताकि आमजन को उससे गुजरते हुए अच्छा एहसास हो।
जिलाधिकारी श्री अग्रवाल आज शाम 04ः00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में स्थानीय निकाय के कार्याें की समीक्षा करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि वित्तीय कार्याें मे अनुशासन और पारदर्शित लाएं और कोई भी परियोजना लम्बित न रहे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कराना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है, इसलिए सभी कार्य पूर्ण मानक एवं समयबद्वता के साथ पूरे कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कार्य के संचालन में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो उससे उन्हें अवगत कराएं ताकि उसका समयपूर्वक समाधान करते हुए कार्य की प्रगति सुचारू रखी जा सके। उन्होंने नगर निकाय क्षेत्र में संचालित होने वाली पेयजल परियोजना के सम्बन्ध में अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिए कि परियोजना का सम्पूर्ण लेआउट एवं डीपीआर संबंधित अधिशासी अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने विगत पांच साल से लम्बित परियोजनाओं एवं कार्यों के लम्बित पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि संबंधित अधिशासी अधिकारी से विवरण तलब करने और दोषी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उसका जवाब तलब करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी द्वारा इस अवसर पर राज्य वित्तीय आयोग, 14वें व 15वें वित्तीय आयोग के अंतर्गत कराए गए कार्याें की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता प्रकाश में नहीं आनी चाहिए और न ही कार्याें की गुणवत्ता में कोई कमी प्रदर्शित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ आमजन को पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप उपलब्ध कराना जिम्मेदारी है सभी अधिकारीगण सेवा की भावना से कार्य करते हुए अपने दायित्वों को पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने सभी ईओ को निकाय क्षेत्रों को पॉलीथिन अवमुक्त बनाने के लिए चैकिंग अभियान चलाने के निर्देश देते हुए पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों पर अर्थदंड लगाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर उनके द्वारा डूडा द्वारा संचालित कार्याें की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि सभी निकायों में स्मार्ट क्लासेस का संचालन शुरू किया जाए और स्मार्ट क्लास के लिए एक टीवी भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी निकायों में आवश्यक उपकरणों एवं सामग्री के साथ कम से कम एक-एक लाइब्रेरी तथा 100-100 ट्री गार्ड की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें ताकि नगर निकाय क्षेत्रों में रोपित किए जाने वाले वृक्षांे को संरक्षित किया जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार के अलावा सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।
