ऋषिकेश- गौरीकुंड में भूस्खलन के मलबे में दबने से दो बच्चों की मौत
त्रिवेणी न्यूज 24
रुद्रप्रयाग _ केदारनाथ के समीप गौरीकुंड और आसपास के इलाकों में भूस्खलन का सिलसिला जारी है। गौरीकुंड में आज सुबह बड़ा हादसा हो गया। लगभग पांच बजे गौरी गांव में भारी भूस्खलन होने से तीन बच्चे मलबे में दब गए। तीनों बच्चों को मलबे से निकाला गया, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। एक बच्चे का उपचार चल रहा है।
बुधवार सुबह गौरी गांव में नेपाली मूल के तीन बच्चे भूस्खलन की चपेट में आने से मलबे में दब गए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चों को मलबे से निकाला गया। इन बच्चों को गौरीकुंड हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया। जहां चिकित्सकों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक बच्चे का उपचार चल रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने अवगत कराया कि गौरीकुंड गांव में हेलीपैड से आगे गांव के नीचे एक नेपाली परिवार के ऊपर के खेत से आए मालवा की चपेट में आने के कारण तीन बच्चों के दबाने की सूचना प्राप्त हुई थी राहत बचाव टीम मौके पर पहुंचकर एक बच्ची को सकुशल तथा दो अन्य बच्चों को चिकित्सालय गौरीकुंड पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना में तीन ही बच्चों के दबने की सूचना थी जिसमें बड़ी लड़की स्वीटी 8 वर्ष छोटी लड़की पिंकी 5 वर्ष तथा एक छोटा बच्चा जो मालवे में दबे थे उनको अस्पताल पहुंचाया गया है जिनमें से स्वीटी ठीक है जिसका उपचार किया गया है जबकि दो अन्य बच्चों को चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। बच्चों का पिता सत्यराज अपने गांव नेपाल गया हुआ है। जबकि माता जानकी बच्चों के साथ ही डेरे में सो रही थी। जानकी मलवे आने के बाद डेरे से बाहर सकुशल निकल आई थी जबकि बच्चे मलबे में दबे रह गए थे।
