ऋषिकेश- समूह ‘ग’ भर्ती परीक्षाओं में इंटरव्यू खत्म, HC जज की निगरानी में जांच

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समूह ’ग’ परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की है।
पीसीएस एवं अन्य उच्च पद में साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाएगा
साक्षात्कार में 40 प्रतिशत से कम और 70 प्रतिशत से अधिक नंबर दिए जाते हैं तो नंबर तो जिसका स्पष्टीकरण देना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद युवा हैं और युवाओं में उनके असर को जानते हुए ही बीजेपी नेतृत्व ने 2022 में दोबारा सत्ता मिली तो उन्हीं पर भरोसा जताकर इसे साबित भी कर दिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर ने खाली पड़े सरकारी पदों को भरने का मामला रहा हो या उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग UKSSSC के पेपर लीक कांड के बाद 50 के आसपास नकल माफिया आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेला हो, मैसेज एक ही देने की कोशिश रही कि युवा सीएम युवा बेरोजगारों के हक में हर बड़ा कदम उठाने से हिचकिचाएंगे नहीं। लेकिन पेपर लीक कांड की सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री धामी और बेरोजगार युवाओं की आवाज उठा रहे उत्तराखंड बेरोजगार संघ और उसके अध्यक्ष बॉबी पंवार में ठन गई। नतीजा ये रहा कि बेरोजगारों की नकल माफिया पर निर्णायक प्रहार को लेकर पेपर लीक कांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग जोर पकड़ती गई और इसकी परिणति आठ और नौ फरवरी के पुलिस लाठीचार्ज और पत्थरबाजी के तौर पर सामने आई। इस घटना के बाद बेरोजगार युवाओं में यह परसेप्शन बनने लगा कि युवा होकर भी सीएम उनकी सीबीआई जांच की मांग न मानकर किसी को बचाना चाह रहे हैं, तो वहीं सीएम धामी ने इसके पीछे विपक्षियों का हाथ बताकर काउंटर किया कि उनको सीबीआई जांच से परहेज नहीं लेकिन भर्ती परीक्षाएं कई सालों के लिए लटक जाएंगी। इसके बाद जहां बेरोजगार युवाओं ने जमीनी आंदोलन से लेकर डिजिटल सत्याग्रह शुरू कर दिया तो मंदिर मंदिर जाकर देवताओं से सीबीआई जांच की मांग पर न्याय के गुहार लगाने का अभियान छेड़कर सरकार के खिलाफ नए तरीके से हल्लाबोल शुरू कर दिया है। वहीं सीएम धामी भी सख्त नकल विरोधी कानून पर पहले अध्यादेश लाकर और फिर शहर दर शहर पार्टी के यूथ विंग और समर्थकों की भीड़ और रैली रोड शो आयोजित कर यह संदेश दे रहे हैं कि यूथ के लिए वे आज भी कड़े कदम उठा रहे हैं। इसी दिशा में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने ऐलान किया कि अब पीसीएस परीक्षा कराने में सालों का समय नहीं लगेगा और यूपीएससी के पैटर्न पर सिलेबस डिजाइन किया जाएगा ताकि युवा प्रतियोगियों के सामने दो दो परीक्षाओं की अलग अलग पैटर्न पर तैयारी का संकट बना न रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रामलीला मैदान, हल्द्वानी, में नकल विरोधी कानून लागू करने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली के मंच से समूह ‘ग’ को इंटरव्यू मुक्त करने का ऐलान कर युवाओं में एक और बड़ा मैसेज देना चाहा है।
सीएम धामी ने घोषणा की है कि समूह ’ग’ की कोई भी परीक्षा चाहे वह लोक सेवा आयोग से बाहर की हो या लोक सेवा आयोग के द्वारा कराई जा रही हो, अब ये सभी परीक्षा बिना इंटरव्यू होंगी। सीएम ने कहा है कि साक्षात्कार की व्यवस्था को इन परीक्षाओं से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाए। खास बात यह है कि इसमें तकनीकी और गैर तकनीकी पद भी सम्मिलित होंगे। यानी जेई जैसे तकनीकी पदों में भी साक्षात्कार की व्यवस्था पूर्ण रूप से समाप्त कर दी जाएगी। उच्च पदों में जहाँ साक्षात्कार आवश्यक हो, जैसे- पी०सी०एस० या अन्य उच्च पद वहां भी साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। साक्षात्कार के अकों को भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार में किसी भी अभ्यर्थी को यदि 40 प्रतिशत से कम और 70 प्रतिशत से अधिक दिए जाते हैं तो साक्षात्कार लेने वाले व्यक्ति या बोर्ड को इसका स्पष्ट कारण बताना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार के लिए राज्य की जनता सर्वोपरि है और हमारा हर एक फैसला जन भावनाओं के आधार पर लिया जा रहा है। समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को ऊंचा उठाए जाने पर कार्य किया जा रहा है।

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