ऋषिकेश- प्रतिष्ठित व्यापारी शैलेश अग्रवाल पंचतत्व में विलीन, गमगीन आंखों से परिजनों ने कराया नेत्रदान

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश- चोटीवाला होटल के मालिक व प्रतिष्ठित व्यापारी शैलेश अग्रवाल आज इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन उनके परिजनों द्वारा कराए गए नेत्रदान से दो नेत्रहीनों की जिंदगी में उजाला अवश्य आएगा। स्वर्गीय अग्रवाल जाते-जाते समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण भी बन गए हैं। नेत्रदान कार्यकर्ता व लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि शैलेश अग्रवाल का हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। असीम दुख की घड़ी में भी उनके पुत्र शलभ अग्रवाल ने अपने स्वर्गीय पिता के नेत्रदान कराने का विचार कर अपनी माता सीमा से स्वीकृति मांगी। इस महान कार्य को करने के लिए बिना हिचक सहमति मिलने पर उन्होंने अपने मामा नरेश अग्रवाल को इस कार्य को संपन्न कराने के लिए आग्रह किया। नरेश ने तुरंत नारंग को परिवार की इस सदिच्छा से अवगत कराया वह जल्द से जल्द नेत्र दान में होने वाली औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कहा,विदीत हो कि किसी व्यक्ति के नेत्रदान एक निश्चित समय में ही सम्भव है, समय व्यतीत हो जाने पर आंखों की रोशनी समाप्त हो जाती हैं। नारंग तुरंत एम्स चिकित्सालय की नेत्रदान टीम के साथ उनके निवास पर पहुंचे जहां टीम ने दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए, टीम के अनुसार दोनों कार्निया स्वस्थ हैं, जिन्हें आवश्यक जांचो के बाद दो नेत्रहीनों की आंखों में प्रत्यारोपित कर दिया जाएगा। परिजनों द्वारा कराए गए नेत्रदान पर शोक प्रकट करने पहुंचे चन्द्रवीर पोखरियाल, मनोज राजपूत, वचन पोखरियाल , प्रदीप राणा, राजीव ग्रोवर, मोनू जस्सल, पवन सिंह,बिन्दीया भाटिया, महिपाल चोहान, संदीप ने साधुवाद प्रेषित किया है। नेत्र दान महादान हरिद्वार ऋषिकेश प्रमुख रामशरण चावला के अनुसार नेत्र दान को समर्पित टीम का 264वां सफल प्रयास है जो अविरल चलता रहेगा।

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