ऋषिकेश- मंगलवार के दिन नाग पंचमी पढ़ने से बन रहा है अति विशिष्ट संयोग
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश- नाग पंचमी के दिन स्त्रियां नाग देवता की पूजा करती हैं और सांपों को दूध पिलाया जाता है। इस साल नाग पंचमी का त्योहार 2 अगस्त को मनाया जाएगा। नाग देवताओं की पूजा के लिए श्रावण मास की पंचमी तिथि काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। सनातन धर्म में सर्प को पूजनीय माना गया है. भगवान श्री हरि विष्णु भी शेषनाग पर ही विराजमान हैं।
उत्तराखंड ज्योतिष रत्न एवं वर्तमान में संस्कृत शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि नाग पचंमी का त्योहार सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार मंगलवार के दिन आ रहा है। जिससे अति विशिष्ट संयोग बन गया है। क्योंकि मंगल ग्रह जब राहु के साथ मिलता है तो अंगारक योग बना देता है। महिलाएं इस दिन अपने परिवारजनों के लिए पूजा करती हैं।
नाग पंचमी शुभ मुहूर्त _
नाग पञ्चमी मंगलवार अगस्त 2 को नाग पञ्चमी पूजा मूहूर्त सुबह 06 बजकर 05 से 08 बजकर 41 मिनट तक अवधि – 02 घण्टे 36 मिनट्स।
नाग पञ्चमी पूजा मन्त्र _
आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल तिथि का शास्त्रीय विधान बताते हुए कहते हैं कि जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प योग है और उसकी वजह से विवाह नहीं हो रहा है अथवा कोई भी कार्य सही ढंग से संपन्न नहीं हो पाता है। उन लोगों के लिए यह दिन वरदान के समान है। वह स्वयं अथवा अपने आचार्य के द्वारा निम्नलिखित मंत्रों से सर्पों का आवाहन और पूजन करें। सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले.
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः.
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥
अर्थ- इस संसार में, आकाश, स्वर्ग, झीलें, कुएं, तालाब तथा सूर्य-किरणों में निवास करने वाले सर्प, हमें आशीर्वाद दें और हम सभी आपको बार-बार नमन करते हैं।
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्.
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्.
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः.
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥
अर्थ- नौ नाग देवताओं के नाम अनन्त, वासुकी, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, शङ्खपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक तथा कालिया हैं। अगर रोजाना सुबह नियमित रूप से इनका जप किया जाए तो नाग देवता आपको सभी पापों से सुरक्षित रखेंगे और आपको जीवन में विजयी बनायेंगे।
नाग पंचमी के दिन इन बातों का रखें खास ख्याल _
माना जाता है कि नाग पचंमी के दिन व्रत रखना चाहिए. इस दिन नाग देवताओं की पूजा करनी चाहिए। उन्हें जल चढ़ाना चाहिए और मंत्रों का जाप करना चाहिए।
नाग पंचमी के दिन सुई धागे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और ना ही इस दिन लोहे के बर्तन में खाना बनाना चाहिए।
अगर कुंडली में राहु और केतु भारी हैं तो इस दिन सांपों की पूजा जरूर करें ध्यान रहें कि इस दिन नाग देवता को दूध चढ़ाते समय पीतल के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए। नाग पंचमी के दिन उस जमीन को बिल्कुल भी नहीं खोदना चाहिए जहां सांपों का बिल हो ना ही इस दिन सांप को मारना चाहिए अगर आपको कहीं सांप दिख जाता है तो उसे जाने दें।
