ऋषिकेश- चार धाम यात्रा मार्ग पर लगे 12 हाईटेक कैमरों से होगी तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश -चार धाम यात्रा के तहत उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से एथिक्स इन्फोटेक कंपनी के जरिए 12 विभिन्न स्थानों पर हाईटेक कैमरे लगा दिए गए हैं। इन कैमरों में यात्रा पर आने वाले सभी वाहनों के नंबर दर्ज हो कर सुरक्षित हो जाएंगे। इसी सिस्टम के जरिए यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का आनलाइन और आफलाइन पंजीकरण होगा। टूरिस्ट केयर ऐप के जरिए कोई भी कहीं भी बैठकर सभी प्रकार की जानकारी हासिल कर सकता है। प्रशासन की योजना इस सिस्टम का विधिवत लोकार्पण कर इसकी व्यापक प्रचार-प्रसार की है। इसी के साथ इस सिस्टम को क्रियान्वित करने वाले केंद्र को ऋषिकेश यात्रा बस अड्डा परिसर में खोलने की तैयारी तेज कर दी गई है। वर्ष 2013 में आई केदारनाथ आपदा के बाद चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या की जानकारी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं का फोटो मेट्रिक पंजीकरण सिस्टम लागू किया गया था। त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम की ओर से इस काम को किया जा रहा था। अब तक यह एजेंसी सिर्फ धामो तक जाने वाले यात्रियों का पंजीकरण करती थी। इस वर्ष उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने पहली बार यात्रा में टूरिस्ट केयर सिस्टम को अपनाया है। कई मायनों में यह प्रणाली लाभदायक सिद्ध होगी। एथिक्स इन्फोटेक कंपनी को यह काम सौंपा गया है।इस वर्ष चार धाम यात्रा तीन मई से शुरू होने जा रही है। संबंधित कंपनी ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के प्रवेश द्वार सहित यात्रा धाम पर विभिन्न स्थानों पर 12 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। 24 घंटा यह कैमरे काम करेंगे इन कैमरों के आगे से गुजरने वाले सभी वाहनों के नंबर कैमरे की मेमोरी के जरिए कंट्रोल रूम में दर्ज हो जाएंगे। इससे सरकार को इस बात की जानकारी मिल जाएगी की कितने वाहन यात्रा पर गए हैं। यात्रा मार्ग पर लगने वाले जाम की जानकारी भी कंट्रोल रूम को मिलती रहेगी। इस जानकारी को प्रशासन परिवहन विभाग व पुलिस के साथ साझा किया जाता रहेगा।
एथिक्स इन्फोटेक कंपनी यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं का आनलाइन और आफलाइन पंजीकरण करेगी। आफलाइन पंजीकरण कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर कियोक्स मशीन लगाई गई है। इस पर यात्री स्वयं अपनी जानकारी टच स्क्रीन के जरिए दर्ज करा सकते हैं। जिसके बाद यात्री को हाईटेक हैंड बैंड दिया जाएगा, जिस पर क्यूआर कोड दर्ज होगा। जिसे कहीं भी स्कैन मशीन के जरिए देखा जा सकता है। यह हैंड बैंड 20 दिन तक काम करेगा। जो यात्री ऐसा नहीं कर सकता उसके लिए कंपनी की ओर से कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। भीड़ में इन कर्मचारियों को पहचानने के लिए इनका ड्रेस कोड भी लागू किया गया है।

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