ऋषिकेश- डेल्टा ओमी क्रोन मिलकर चौथी लहर में मचा सकते हैं तबाही, WHO ने कहा-पहले से थी आशंका
त्रिवेणी न्यूज 24
नई दिल्ली – WHO ने यह भी चेतावनी दी है कि यह ना समझना कि कोरोनावायरस हमेशा के लिए खत्म हो गया बहुत बड़ी गलती साबित होगी। ओमी क्रोन डेल्टा कोरोनावायरस संक्रमण की तीसरी लहर का असर अब कम हो गया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि संक्रमण का खतरा हमेशा के लिए खत्म हो गया। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की एक नई स्टडी के मुताबिक, एक नया वेरिएंट खतरा बनकर उभर रहा है। इसमें डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट मिलकर एक नया वायरस बना रहे हैं। WHO ने इस स्टडी के बारे में कहा कि इस नए कॉम्बिनेशन वाले वायरस को लेकर आशंका पहले से थी क्योंकि ये दोनों काफी तेजी से फैल रहे थे।
यह स्टडी फ्रांस की एक संस्था पैस्चर इंस्टीट्यूट ने की है। इसमें डेल्टा और ओमिक्रोन के कॉम्बिनेशन वाले वायरस को लेकर ठोस सबूत मिले हैं। स्टडी के मुताबिक, नए कॉम्बिनेशन वाले वायरस की कई फ्रांस की इलाकों में पाए जाने का पता चला है। यह नया वायरस जनवरी 2022 से ही फैल रहा है।
क्या है स्टडी का नतीजा _
स्टडी में यह भी कहा गया कि इसी जीनोम और प्रोफाइल के वायरस की डेनमार्क और नीदरलैंड में भी पाया गया है। स्टडी में कहा गया कि अभी इस मामले में जांच और एनालिसिस किए जाने की जरूरत है कि ये नए कॉम्बिनेशन वाले सभी वायरस एक ही म्यूटेशन से निकले हैं, या ऐसे रिकॉम्बिनेशन के कई सारे मामले हुए हैं।
WHO में कोविड टेक्निकल टीम की अगुआई करने वाली मारिया वैन कर्खोव ने एक ट्वीट में कहा कि इसकी पहले से उम्मीद की जा रही थी, खासकर यह देखते हुए कि ये दोनों वेरिएंट काफी तेजी से फैस रहे थे। उन्होंने कहा कि WHO इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और इसे लेकर स्टडी जारी है।
WHO ने क्या दी है चेतावनी _
हालांकि शुरुआत में जब लोगों ने डेल्टा और ओमिक्रोन वेरिएंट के संयुक्त वेरिएंट आने की आशंका जताई और इसे डेल्टाक्रोन कहकर बुलाया, तब WHO ने कहा कि डेल्टा और ओमिक्रोन कॉम्बिनेशन जैसी असल में कोई चीज नहीं है। मारिया ने कहा था, “असल में हम यह सोचते हैं कि यह कंटेनमेंशन का परिणाम है, जो सिक्वेंसिंग प्रॉसेस के दौरान हुआ है। हालांकि मारिया ने बाद में यह भी स्पष्ट किया कि एक व्यक्ति एक समय में दो अलग-अलग वेरिएंट से संक्रमित हो सकता है।
