ऋषिकेश- राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के मूल्यांकन में पहली बार ऋषिकेश का राजकीय चिकित्सालय हुआ शामिल
त्रिवेणी निज 24
ऋषिकेश-राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के मूल्यांकन में पहली बार ऋषिकेश का एसपीएस सरकारी चिकित्सालय शामिल हो रहा है। राज्य स्तरीय मूल्यांकन में अस्पताल का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जिसके बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर मुकाम हासिल करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के मूल्यांकन को लेकर किए जाने वाले सर्वे में इसबार ऋषिकेश का शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने मूल्यांकन के लिए अस्पताल के 6 विभागों को चिह्नित किया है। जिनमें प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, सामान्य ऑपरेशन थिएटर, आईपीडी और सामान्य प्रशासन आदि शामिल हैं। प्रदेश स्तर पर सर्वे में अस्पताल की यह सभी सुविधाएं मुकम्मल पाई गई हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर इन सुविधाओं को परखने और रैकिंग प्रदान के लिए केंद्रीय टीम का दौरा जल्द होना है। सीएमएस डॉ. रमेश सिंह राणा ने बताया कि यह सौभाग्य की बात है।
सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों ने रीजनल कंसल्टेंट संतोष भास्कर की अगुवाई में चिह्नित विभागों का निरीक्षण किया। अस्पताल में व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर पहुंचे अधिकारी संतुष्ट नजर आए हालांकि उन्होंने छुटपुट कमियों को दुरुस्त करने के लिए भी कहा। निरीक्षण में सीएमएस डा. रमेश सिंह राणा, डा. अमित कुमार, नीरज गुप्ता आदि शामिल रहे।
केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए चलाई जा रही तमाम योजनाओं का भी जमीनी टेस्ट अस्पताल में होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम निरीक्षण में यह भी परखेगी कि आखिर क्या केंद्रीय योजनाओं का लाभ लोगों को मिल भी रहा है या नहीं। दवा की सुविधाओं से लेकर अन्य तमाम केंद्रीय स्कीम से जुड़े लाभों को लेकर मरीजों से भी टीम बातचीत कर सकती है।
सरकारी अस्पताल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के निरीक्षण में बेहतर सुविधाओं को साबित कर पाता है तो इसके बाद नेशनल लेवल का सर्टिफिकेट और इसके अलावा मूल बजट से अतिरिक्त वित्तीय सुविधा भी इंतजामों को और ज्यादा बेहतर करने के लिए दी जाएगी। रीजनल कंसल्टेंट संतोष भास्कर के मुताबिक बेहतर रैंकिंग पर अस्पताल को प्रति बेड के हिसाब से 10 हजार और प्रसव कक्ष के लिए दो लाख रुपए सालाना वित्तीय सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
